आजादनगर में वर्षों बाद आई नई डिजिटल मशीन का टेक्नीशियन ही नहीं

Chandra Shekhar Aazad Nagar News : आजादनगर के सरकारी अस्पताल के कमरे में पुरानी मशीन पड़ी है खराब, नई डिजिटल एक्सरे मशीन बरामदे में धूल खा रही है, मरीज एक्सरे नहीं होने से 35 किलोमीटर दाहोद जाने को मजबूर हो रहे हैं मगर नई मशीन आ जाने के बाद भी चालू नहीं किया जा रहा है

चंद्रशेखर आजाद नगर. मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रसार प्रचार करने में भले ही अग्रणी हो मगर आलीराजपुर जिले में स्वास्थ्य चिकित्सा का अभाव हमेशा दिखा है। इसका ताजा उदाहरण जिले के चंद्रशेखर आजादनगर के शहीद चंद्रशेखर आजाद शासकीय अस्पताल का हाल है। स्वास्थ्य व चिकित्सा के लिए तहसील से लगे 54 गांवों के मरीजों को कई वर्षों से बंद पड़ी एक्सरे मशीन के अभाव में गुजरात के दाहोद की ओर रुख करना पड़ता रहा है। इलाज के अभाव में गरीब, आदिवासी ग्रामीणों को मजबूरी में एक्सरे मशीन के अभाव में हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। पत्रिका ने सरकारी अस्पताल की पड़ताल की तो अस्पताल में नई डिजिटल एक्सरे मशीन आकर बरामदे में बॉक्स में धूल खा रही है। मरीज एक्सरे नहीं होने से 35 किलोमीटर दाहोद जाने को मजबूर हो रहे हैं मगर नई मशीन आ जाने के बाद भी चालू नहीं किया जा रहा है। एक ओर एक्सरे रूम में पुरानी खराब एक्सरे मशीन धूल खा रही है। अस्पताल में ओपीडी देख रहे एकमात्र डॉक्टर राहुल जायसवाल से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि नई एक्सरे मशीन को आए कुछ ही समय हुआ है, अभी इसकी फि टिंग होना है मगर अभी हमारे पास एक्सरे मशीन ऑपरेटर की कमी है। यहां तक कि डॉक्टर्स, नर्स की भी कमी बताई जा रही है। नई एक्सरे मशीन आए हुए समय हो गया मगर मशीन आज तक चालू नहीं होने से चंद्रशेखर आजाद नगर की जनता व ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज परेशान हो रहे हंै। जनता ने शीघ्र नई एक्सरे मशीन चालू करने की मांग की है ताकि जरूरतमंद मरीजों को एक्सरे के लिए अन्यत्र नहीं दौडऩा पड़े।
संस्था का स्थापना दिवस मनाया
चंद्रशेखर आजादनगर. फाउंडेशन टू एजुकेट गल्र्स ग्लोबली संस्था के 12 वर्ष पूर्ण होने पर शुक्रवार को ग्राम पंचायत सेजावाड़ा पंचायत भवन पर स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि जिला ट्रेनिंग ऑफिसर लोकेश खाटवा एवं सुनील, ब्लॉक ऑफि सर धर्मेन्द्र पाटीदार एवं फील्ड कोऑर्डिनेटर गोपाल चौहान, सोहन भाबर, सनका भूरिया उपस्थित थे। कार्यक्रम में सहयोगी सरपंच नीलेश गणावा, सचिव रमेश राठौर, सहायक सचिव निर्भयसिंह गणावा द्वारा संस्था से जुड़ी टीम बालिका को नि:शुल्क ट्रैक सूट का वितरण किया गया। इस अवसर पर फील्ड कोऑर्डिनेटर गोपाल चौहान ने बताया कि हर गांव से टीम बालिका नियुक्त है जो बालिका शिक्षा को लेकर कार्यरत है। यह 6 से 14 वर्ष के सभी अनामांकित और ड्रॉपआउट बालिकाओं का सर्वे कर नामांकन करवाने एवं उनका ठहराव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयासरत है।

आजादनगर में वर्षों बाद आई नई डिजिटल मशीन का टेक्नीशियन ही नहीं
राजेश मिश्रा
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