प्रशासन की लापरवाही के कारण दवा के थोक विक्रेता लोगों की जान से कर रहे खिलवाड़

एक्सपायरी डेट की दवाइयों की बिक्री जोरों पर, प्रशासन कर रहा खानापूर्ति

By: tarunendra chauhan

Updated: 20 Feb 2021, 02:16 AM IST

आलीराजपुर. आदिवासी अंचल आलीराजपुर, झाबुआ, धार एवं बड़वानी जिले में एक्सपायरी डेट की दवाइयां धड़ल्ले से बिक रही है। इसके सरगना इस कारोबार में बगैर किसी खौफ के लगे हुए है। ये गरीब लोगों की जान-माल की परवाह किए बगैर अपना आर्थिक हित साधने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया है। ज्ञात रहे कि एक सप्ताह पूर्व नगर के दो थोक दवाई विक्रेताओं सुनील एंड सुनील की दुकानों पर प्रशासन ने छापामार कार्रवाई की गई थी जिसमें बड़ी मात्रा मे एक्सपायरी डेट की दवाईयां जब्त की गई थी। छापामार कार्रवाई बाद जिला प्रशासन ने आगे की कोई वैधानिक कार्रवाई दोनों थोक विक्रेताओं के विरुद्ध नहीं की और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में दवा विक्रेताओं और प्रशासन के बीच मिलीभगत की चर्चा जोरों पर है।

प्रशासन पर खानापूर्ति करने का आरोप
जिला प्रशासन की दिखावटी कार्रवाई के चलते यह गोरखधंधा जानलेवा साबित हो सकता है। हल्की -फुल्की कार्रवाई कर प्रशासन अपनी जिम्मेवारी से बचकर केवल खानापूर्ति करने में लगा हुआ है। जिससे इन गोरखधंधे वालों को अघोषित संरक्षण मिल रहा है। आदिवासी अंचल के लोग जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं और अशिक्षा से ग्रसित हैं, उन्हें जान माल के साथ भुगतना पड़ सकता है।

रासुका की हो कार्रवाई
कई नगरवासियों ने कहा कि वक्त के हिसाब से इन दोनों थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। ऐसे संगीन मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को इन दोनों कारोबारियों का लायसेंस निरस्त कर इस गंभीर मामले को अन्य जांच एजेंसी के सुपुर्द करना चाहिए, ताकि काले धंधे से करोड़़ों की अकूत संपति हासिल करके जिसके सहारे रसूख जिंदगी का लाभ ले रहे है इसका खुलासा हो सके। लोगों का इलाज करने के नाम से इनकी जान माल से फैलने वाले इन कारोबारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार के गोरखधंघे करने वालों पर लगाम लगाया जस सके। ज्ञात हुआ कि ये दोनों थोक व्यापारी ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों फर्जी चिकित्सकों को एक्सपायरी डेट की दवाई सप्लाय करने में लगे हुए हैं। इस पूरे मामले में जिले के कई फर्जी डाक्टर अपने अपने राजनीतिक आकाओं का चक्कर लगा रहे हैं। ये फर्जी डॉक्टर जो चुनावों के समय राजनीतिक दलों व उनके प्रत्याशियों को चंदा देने की बात कह कह कर अपना मतलब निकालने की जुगत में हैं। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवजराजसिंह चौहान द्वारा अवैध कार्य करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए गए निर्देशों के चलते इनमें हडक़ंप मचा है।

बड़े हादसे के इंतजार में है जिला प्रशासन
गत दिनों एक्सपायरी डेट की दवाई ग्रामीण अंचल में परोसने वाले दवाई के दो थोक विक्रेता सुनील एंड सुनील के यहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में एक्पायरी डेट की दवाइयों को जब्त किया, लेकिन मामले में प्रशासन की हल्की- फुल्की कार्रवाई के चलते आज भी इन रसूखदार, ब्लैकमेलरों व काले धंधे करने वालों के हौंसले बुलंद हैं। हालांकि इस मामले को गत दिवस जिले के दौरे पर आए हुए कृषि मंत्री कमल पटेल के संज्ञान में भी मीडिया के द्वारा लाया गया जिस पर कृषि मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को देने की बात कही थी। इसके बावजूद प्रशासन आलीराजपुर की कार्रवाई से इस गोरखधंधे में शामिल दोनों थोक व्यापारियों ने अपनी कार्यशैली बदलते हुए एक्सपायरी डेट की दवाइयों को सप्लाय करने के अड्डे बदलकर नई कार्यप्रणाली को अंजाम देते हुए अपने इस कारोबार को संचालित करने से बाज नहीं आ रहे है।

- जांच के बाद दोनों थोक दुकानदारों के लायसेंस निलंबित किए थे, बाद में बहाल कर दिए गए हैं।
डॉ. प्रकाश ढोके, सीएमएचओ जिला चिकित्सालय आलीराजपुर।

- हमारे द्वारा दुकानों पर आकस्मिक जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा मे एक्सपायरी डेट की दवाइयां जब्त की थी कलेक्टर के निर्देश पर जब्त दवाईयां सीएमएचओ कार्यालय भेजी थी व आगे की कार्रवाई सीएमएचओ के द्वारा ही की जाना है।
केएल तिलवारे, तहसीलदार आलीराजपुर

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