बेटा हो या बेटी सभी को पढ़ाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे प्रधानमंत्री : आनंदीबेन

बेटा हो या बेटी सभी को पढ़ाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे प्रधानमंत्री : आनंदीबेन

kashiram jatav | Publish: Jun, 15 2018 12:56:42 AM (IST) Alirajpur, Madhya Pradesh, India

महामहिम राज्यपाल ने महिला शक्ति सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का किया सम्मान. प्रोटोकाल तोडक़र मंच से उतरकर दिव्यांग महिला का किया सम्मान

आलीराजपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप सब पहचानते होंगे। मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने गुजरात में सबसे ज्यादा काम किया और आज भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए महिलाओं के सम्मान और विकास के लिए अनेक योजनाए चला रहे हैं। उनका नजरिया है की महिलाओं के लिए क्या होना चाहिए। उस पर चिंतन कर रहे हैं। महिला सबसे ज्यादा शिक्षित होना चाहिए, लेकिन वे हो नहीं पाई।इसके लिए प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ अभियान चलाया। अभियान ऐसा चला की बेटिया आज इतनी आगे बढ़ गई की हमें बेटी बचाओ अभियान के बाद बेटे को पढ़ाओ अभियान चलाना पड़ रहा है। क्योंकि बेटा अगर पीछे रह गया तो बेटियां विवाह के लिए उसे नहीं चुनेगी। इसलिए प्रधानमंत्री ने बेटी हो या बेटा सभी को पढ़ाने का संकल्प लिया है। यह बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आलीराजपुर स्थित नवोदय विद्यालय में आयोजित महिला शक्ति सम्मान कार्यक्रम में कही। पटेल ने आधे घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाई जाने वाली अनेक योजनाओ का जिक्र किया। राज्यपाल पटेल ने महिला शक्ति सम्मान समारोह में जिलेभर में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। विभिन्न संगठनों ने राज्यपाल को प्रतीक चिह्न भेंट किए। राज्यपाल ने कहा की आलीराजपुर जिला अब पिछड़ा नहीं है। क्योंकि यहां की महिलाओं ने आगे बढने का बीढ़ा उठा लिया है। किसी क्षेत्र में यहां की महिलाएं पीछे नहीं हैं। यदि कोई क्षेत्र बच भी गया है तो सभी सामूहिक प्रयासों से उस पिछडेपन को दूर करने का प्रयास करें। आज का यह प्रसंग महिला शक्ति के सम्मान को समर्पित है।


बेटी के जन्म पर महिलाओं को दिया जाता है दोष
पटेल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव बताते हुए बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के अभियान में महिलाओं से विशेष भूमिका अदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि बेटी के जन्म को लेकर महिला को दोष दिया जाता ह,ै लेकिन यह भ्रांति को बदलना होगा। उन्होंने कहाकि आज पंचायत से लेकर केन्द्र स्तर तक महिलाएं अपने हुनर का लोहा मनवा रही है। उन्होंने कहा केन्द्र और प्रदेश सरकार की महिलाओं के हितों से जुड़ी उज्जवला योजना, सौभाग्य योजना, प्रसूती पूर्व और प्रसूती पश्चात मिलने वाली सहायता सहित अन्य योजनाएं महिलाओं के हितों के लिए बनी हैं। इन योजनाओं का सीधा असर महिला की सेहत और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा जब किसी ग्राम में बिजली पहुंचती है तो वह केवल बिजली नहीं उस ग्राम की तस्वीर और तकदीर बदलने का पल होता है। क्योंकि बिजली पहुंचने से उस ग्राम में विकास, सुविधाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यवस्था रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलता है।


शौचालय निर्माण से महिलाओं को मिला सुरक्षा और सम्मान
राज्यपाल ने आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं के हितों से जुड़ी योजनाओं से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़े। इससे महिलाओं के जीवन स्तर, उनके स्वास्थ्य में बेहतरी हो। साथ ही शासन की योजनाओं का सीधा जुड़ाव महिलाओं से हो। उन्होंने टीबी रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वस्थ होने तक उनके पोषण और उपचार संबंधित सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री आवास योजना ने कच्ची झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के पक्के आवास के सपने को पूरा करने में विशेष भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा सरकार की मंशा अनुसार 2022 तक सभी को पक्के आवास और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहाकि शौचालय निर्माण में महिलाओं ने विशेष भूमिका अदा की जो कि प्रशंसनीय है। शौचालय निर्माण से महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिला है। राज्यपाल ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने में सहभागी बनें। क्योंकि स्वस्थ्य और समृद्ध परिवार से ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयासों को बल देना होगा। राज्यपाल का फलों की टोकनियां भेंट कर स्वागत किया गया।


उक्त फल आंगनवाड़ी में बच्चों को वितरण करने के लिए आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को भेंट किए। राज्यपाल पटेल का जिले के पारंपरिक नृत्य और मांदल से महिलाओं के समूह ने स्वागत अगवानी की। दिव्यांग बाली बाई का मंच से उतरकर किया सम्मान
महिला शक्ति सम्मान समारोह के दौरान सब एक पल को हैरान रह गए जब ग्राम लोढनी की दिव्यांग बाली बहन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से सम्मान प्राप्त करने पहुंची, लेकिन अपनी दिव्यांगता के कारण मंच पर जाने के लिए लगी सीढ़ी बाधा बनी। यह देख राज्यपाल ने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए स्वयं मंच से नीचे आकर बाली बाई के पास पहुंचकर उनका प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मान किया। दिव्यांग बाली ने आजीविका मिशन के समूह से जुडक़र अपने बच्चों को पढ़ाने का बीढ़ा उठाया।
कृषि कॉलेज खोलने की मांग
कार्यक्रम में पर्यावरण सहयोग संस्था अध्यक्ष दीपक दीक्षित और लायंस क्लब अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता ने भागवत गीता भेंट की। नव चेतना महिला मंडल असाड़ा राजपूत समाज की सदस्यों ने राज्यपाल का साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। विभिन्न समाज एवं संगठनों ने प्रतीक चिह्न भेंट किए। राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया। स्वागत उदबोधन जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौहान ने दिया। विधायक नागरसिंह चौहान ने कृषि कॉलेज खोलने के लिए अनुशंसा करने की मांग की। कार्यक्रम में कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा, एसपी विपुल श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ एमएल त्यागी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भदू पचाया, नगर पालिका उपाध्यक्ष मकू परवाल आदि उपस्थित थे।

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