आलीराजपुर से श्री चारभुजा पैदल यात्रा रवाना

आलीराजपुर से श्री चारभुजा पैदल यात्रा रवाना

amit mandloi | Publish: Sep, 06 2018 06:48:32 PM (IST) Alirajpur, Madhya Pradesh, India

ढोल-डमाकों के साथ धूमधाम से निकली यात्रा में करीब 82 यात्री शामिल

आलीराजपुर. बुधवार को सुबह 10 बजे स्थानीय पीपलेश्वर महोदव मंदिर आलीराजपुर से श्री चारभुजा राजस्थान पैदल यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। यात्रा के आगे ढोल, डीजे और बैंड बज रहे थे। हाथ में भगवा ध्वज और सिर पर भगवान चारभुजा की तस्वीर लिए जय चारभुजा के जयघोष के साथ यात्री नगर के प्रमुख मार्ग नीम चौक, पोस्ट ऑफिस चौराहा, झंडा चौक, रामदेव मंदिर, दाहोद नाका, समाधि स्थल होते हुए यात्रा के आगे पढ़ाव के लिए निकले। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों और युवाजन मौजूद थे।
तिलक लगाकर पहनाया साफा- यात्रा आरंभ होने के पूर्व सभी यात्री वीटी रोड स्थित पीपलेश्वर महादेव मंदिर पर एकत्रित हुए। जहां पर पीपलेश्वर चारभुजा पैदल यात्री संघ के सदस्यों ने सभी यात्रियों को मंगल तिलक लगाकर केसरिया साफा पहनाया गया। तत्पश्चात भगवान भोलनाथ की आरती उतारी गई व प्रसादी का वितरण किया गया। इसके बाद यात्रा रवाना हुई। इस दौरान डीजे में यो चारभुजा रा नाथ चतुर्भुज भाला वालों रे, म्हारा चारभुजा गढबोर थारा बंद दरवाजा खोल नामक भजन बज रहे थे। शीतल पेय, फल, बिस्किट और पुष्प से यात्रा का स्वागत भी किया गया।
मंदिरों में किए दर्शन
चारभुजा पैदल यात्रियों ने यात्रा के दौरान जहां-जहां मंदिर दिखा वहां पर भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मंदिर पुजारियों ने भी प्रसादी देकर यात्रा के मंगल होने की कामना की। नगर के रणछोड़ राय मंदिर, नृसिंह मंदिर, झंडा चौक स्थित शिव मंदिर, रामदेव मंदिर, सांई मंदिर में यात्रियों द्वारा भगवान के दर्शन किए गए। यात्रा में करीब 82 यात्री शामिल हैं। यात्रा 15 दिन की है। समिति के प्रदीप राठौड़, सुनिल कापडिय़ा, भरत मोदी ने बताया कि यात्रा के साथ समिति के आलीराजपुर से चारभुजा पैदल यात्रा संघ में पूरी यात्रा के दौरान राजाभाई टेलर, अंकुश राठौड़ नानपुर, प्रकाश थेपडिय़ा, अनिल माली और हरपाल भाई फुलमाल वाले यात्रा व्यवस्थापक में रहेंगे।

आंबुआ में हुआ रात्रि विश्राम
यात्रा संचालक सुनिल कापडिय़ा ने बताया , श्री चारभुजा पैदल यात्रा का बुधवार को रात्रि विश्राम आंबुआ में किया गया। यात्रियों को भोजन करवाया गया। तत्पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कापडिय़ा ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों के भोजन, पानी और रहने की व्यवस्था समिति की ओर से की गई है। यात्रा डोल ग्यारस के दिन चारभुजा पहुंचेगी। जहां पर दर्शन करने के पश्चात रूप नारायण में ध्वज चढ़ाकर यात्री पुन: आलीराजपुर के लिए रवाना होंगे।

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