समय को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए: अतिशयलता

समय को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए: अतिशयलता

By: amit mandloi

Published: 24 Jul 2018, 05:09 PM IST

आलीराजपुर. धन नष्ट होने पर मेहनत कर प्राप्त कर सकते हंै, विद्या नष्ट हो जाए तो ज्ञानर्जन कर फिर से प्राप्त कर सकते हैं। यश और कीर्ति नष्ट हो जाए तो उसे भी प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन खोए हुए समय को वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता है, इसलिए समय को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। आज हमारे प्रवेश के दौरान श्री संघ में जो उत्साह दिखाई दिया, वो पूरे चार माह तक बरकरार रहना चाहिए।

यह बात पुण्य सम्राट आचार्य जयंतसेन सूरीश्वर के पट्धर गच्छाधिपति आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर और जयरत्न सूरीश्वर की आज्ञानुवर्ती साध्वी शासनलता श्रीजी की शिष्या अतिशयलता ने स्थानीय जैन मंदिर के सामने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहीं। साध्वी समर्पणलता ने कहा, मनुष्य भव बहुत दुर्लभ है। धर्म आराधना में परिवार को जोड़ें। जिनेश्वर की वाणी दुर्लभ है इसलिए प्रभु की वाणी का श्रवण करना चाहिए। परमात्मा की वाणी पर श्रद्धा होना दुर्लभ है, वाणी को जीवन व आचरण में लाना चाहिए।

चातुर्मास संंस्कृति से परिचय कराने का माध्यम है- कार्यक्रम का शुभारंभ कुक्षी जैन श्रीसंघ के मनोहरलाल पौराणिक, नपाध्यक्ष सेना पटेल, उपाध्यक्ष मकू परवाल, वैश्य महासम्मेलन जिलाध्यक्ष व पार्षद औच्छबलाल सोमानी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि सुनिल जैन बाग ने कहा कि चातुर्मास संंस्कृति से परिचय कराने का माध्यम है। मेघनगर के रजत भाई ने कहा, साध्वीजी का मालवा में पहली बार आगमन हुआ है। अनिल जैन बाग वाला ने गुरुदेव नित्यसेन सूरिश्वर मसा के संदेश का वाचन कर बताया कि गुरुदेव ने साध्वीजी को संदेश दिया है कि तप, जप, आराधना,स्वाध्याय, साधना स्वयं करें और कराएं। इस दौरान मधु काकड़ीवाला, निधि जैन सहित बालिकाओं ने गीत की प्रस्तुति दी।

प्रतिनिधि पहुंचे
साध्वीश्री के मंगल प्रवेश का साक्षी बनने के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद, इंदौर, मंदसौर, बड़ौदा, प्रतापगढ़, मुंबई सहित 22 श्री संघों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। अनुमोदना जैन श्री संघ द्वारा की गई। हेमेंद्रसिंह भवन में सुबह नवकासी और दोपहर में स्वामीवात्सल्य हुआ।

जमकर थिरके युवक-युवतियां
इससे पहले सुबह 9.30 बजे जैन श्री संघ सामेला करने के लिए बैंडबाजों के साथ मंडी प्रांगण पहुंचा। यहां से साध्वी शासनलता श्रीजी आदि ठाणा चार का चातुर्मास के लिए भव्य मंगल प्रवेश नगर में सोमवार को हुआ। साध्वियों के प्रवेश को लेकर जैन समाजजनों में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। करीब 10 बजे मंडी से चल समारोह शुरू हुआ, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्र व आकर्षक साफा बांधे हुए थे, वहीं महिलाएं विशेष परिधान पहने हुई थीं। चल समारोह नगर के सिनेमा चौराहा, प्रतापगंज मार्ग, रणछोड राय मार्ग, बस स्टैंड, एमजी रोड, नीम चौक होते हुए जैन मंदिर पहुंचा। धार्मिक स्तवन व गीतों सहित ढोल-ताशों की धुन पर युवक-युवतियां जमकर थिरके।

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