70 नहीं 35 लाख लोगों ने लगाई मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी, जानिये क्यों कुंभ मेला प्रशासन को प्रेसवार्ता कर बदलने पड़े आंकड़ें

70 नहीं 35 लाख लोगों ने लगाई मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी, जानिये क्यों कुंभ मेला प्रशासन को प्रेसवार्ता कर बदलने पड़े आंकड़ें

Dhirendra yadav | Publish: Jan, 14 2019 07:22:49 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अपने आंकड़ों को बदल लिया।

प्रयागराज। कुंभ के शाही स्नान से पहले मकर संक्रांति पर पर 14 जनवरी को सुबह 70 लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगाई ये आंकड़े मेला प्रशासन ने जारी तो कर दिए, लेकिन शाम होन तक प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अपने आंकड़ों को बदल लिया। मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल सहित मेला अधिकारी विजय किरण आनंद कुंभ मेले की आवाज के साथ ही शाही स्नान की तैयारियों की जानकारी दी, साथ ही बताया कि दिव्य और भव्य कुंभ बनाने के लिए सरकार की जो कल्पना थी उसे पूरा करने में प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

बनाए गए 31 घाट
मेला अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालु और मेहमानों को मूलभूत सुविधाएं देने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। 15 जनवरी को पहला शाही स्नान होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले शाही स्नान के लिए 31 घाट बनाये गए हैं। सभी घाटों पर फोर्स तैनात की जा रही है, जिसमें जल पुलिस से लेकर यातायात पुलिस पैरामिलिट्री को तैनात किया गया है। शाही स्नान के मार्गों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सेक्टर 16 से निकलकर अखाड़े त्रिवेणी मार्ग होते हुए संगम नोज पहुंचेंगे और अपने तय समय के मुताबिक स्नान कर अपने-अपने शिविरों में वापस आएंगे। अखाड़ों के आवागमन के अलग-अलग भागों में बांटा गया है।

सख्त होगी सुरक्षा व्यवस्था
मेला डीआईजी केपी सिंह के मुताबिक मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20 हजार जवानों को तैनात किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, होमगार्ड्स और जल पुलिस शामिल है। संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 13 सौ हेक्टेयर की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जो जिले के 18 स्थानों पर बनाई गई है। साथ ही मुख्य स्नान पर्व के दिन भी मेला क्षेत्र में आने वाले कल्पवासियों के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। मेला अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला क्षेत्र में 1100 सीसी टीवी कैमरे चलने लगे हैं, जिसके जरिए पूरे मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है, साथ ही उन्होंने बताया मेला क्षेत्र में पहली बार 20 हजार लोगों को रोकने के लिए अस्थाई निवास बनाए गए हैं।

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