Magh Mela 2018: मकर संक्रांति पर 75 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में आस्था की डूबकी

arun ranjan

Publish: Jan, 14 2018 08:11:54 PM (IST)

Allahabad, Uttar Pradesh, India
Magh Mela 2018: मकर संक्रांति पर 75 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में आस्था की डूबकी

सुबह से ही संगम घाट पर स्नान करने वालों की उमड़ी भीड़

इलाहाबाद. संगम की रेती पर बसे माघ मेले में मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मकर संक्रांति का मुहूर्त भले आज रविवार शाम सवा सात बजे शुरू हो रहा है लेकिन वर्षों से जो 14 जनवरी की सुबह स्नान को महत्व देते आ रहे हैं। ऐसे लाखों लोग देश के विभिन्न राज्यों से यहां सुबह चार बजे से ही संगम तट पर आस्था की डूबकी लगाने पहुंचे हैं। प्रशासन के अनुसार सुबह चार बजे से शाम 5 बजे तक 75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आस्था की डूबकी लगा चुके हैं।

प्रयाग की धरती इलाहाबाद के संगम तट पर बसी तंबुओं की नगरी पूरी तरह आबाद हो चुकी है। मकर संक्रांति भले ही आज शाम सवा सात बजे से शुरू हुआ हो लेकिन आज सुबह से भी संगम स्नान करने वालों की भीड़ संगम घाट पर उमड़ पड़ी। श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही संगम स्नान करते नजर आए। घाटों पर श्रद्धालुओं का दबाव देखते हुए मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी डूबकी लगाते ही लोगों से घाट खाली कराते जा रहे, ताकि घाट पर कोई बड़ा हादसा ना हो सके।

माघ मेले में संगम स्नान करने वालों भीड दोपहर में अचानक इतनी बढ़ी की सड़कांे पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया। मकर संक्रांति के कारण स्टेशन से संगम तट तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली। माघ मेले में आए लोगों ने संगम स्नान कर गंगा तट पर सूर्य को अर्घ्य देकर मां गंगा का आर्शिवाद लिया। माघ मेले में आए श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के बाद तिल के लड्डू, खिचड़ी सहित अन्य चीजों का दान पुण्य करते नजर आए। पितरों के निमित्त यथा शक्ति तीर्थपुरोहितों को भी दान किया।

यहां आए लोगों ने खिचड़ी का दान करने के बाद ही खिचड़ी खाई। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में संगम स्नान करने वालों की भीड़ शाम चार बजे से संगम की ओर बढ़ती नजर आई। रविवार को मकर संक्रांति पर छोटे से लेकर बड़े बुर्जुग तक मां गंगा की गोदी में आस्था की डूबकी लगा घर में सुख शंाति की कामना करते नजर आए। वहीं स्नान करने वालों का सिलसिला देर रात तक चला।

धूप खिलने से मिली राहत

पिछले कई दिनों से कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे थे। वहीं मकर संक्रांति पर सुबह से ही धूप खिली रही। इसके कारण माघ मेले में शिविर के अंदर बैठे लोगों के चेहरे भी खिल गए। कल्पवासी अपने शिविर और तम्बुओं से बाहर धूप का आनंद लेते नजर आए। धूप के कारण सुबह से लगातार भीड़ बढ़ती ही गई। माघ मेले में जगह-जगह लगे सैंकड़ो शिविर में भी श्रद्धालु सत्संग का आनंद लेते रहे। माघ मेले में विभिन्न शिविरों में श्रद्धालुओं को प्रसाद भोग और भोजन भी कराया गया।

प्रयाग में दिखा अतिथि देवो भवः

आस्था की नगरी प्रयाग में अतिथि देवो भवः का स्वरूप मकर संक्रांति पर विभिन्न चौक चौराहों पर साफ देखने को मिला। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरा शहर स्वागत में खड़ा नजर आया। शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर लोगों ने देश के कोने कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाने पीने का पूरा इंतजाम किया था। माघ मेला क्षेत्र की ओर जाने वाली हर सड़क पर स्थानीय लोग चाय, पानी, भोजन व नाश्ते के साथ खड़े दिखे। खाने पीने वालों की भी लंबी लाइने देखने को मिली। संगम क्षेत्र में भी विभिन्न शिविरों में श्रद्धालुओं केे लिए जगह-जगह भोग भंडारे का आयोजन हुआ। ऐसे मंे यह कहना गलत नहीं होगा कि संगम नगरी में आयोजित माघ मेले में आना वाला कोई भी भक्त भूखा नहीं सो सकता।

पितरों की शांति के लिए किया केश दान

माघ मेला क्षेत्र स्थित वीआईपी घाट के पास नाई बाड़ा आज सुबह से ही भरा रहा। यहां विभिन्न प्रदेश से आए लोगों ने पितरों की शांति के लिए केश दान किया। इसमें सर्वाधिक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश , दक्षिण भारत सहित अन्य जगहों के लोगों ने केश दान किया। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कर कई लोगों ने घाटों पर पंडों को गाय दान भी किया। वहीं कई लोगों ने संगम घाट पर भी घर मंे सुख शांति के लिए कथा सुनी।

Ad Block is Banned