बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड का कभी भी हो सकता है खुलासा, ऐसे सुलझी गुत्थी

क्राउन होटल के मालिक प्रदीप जायसवाल ने ही, कराई थी हत्या !

By: Sunil Yadav

Published: 24 May 2018, 05:42 PM IST

इलाहाबाद. बहुचर्चित अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड का इलाहाबाद पुलिस जल्द ही खुलासा कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद और वाराणसी की एसटीएफ टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल प्रतापगढ़ निवासी शूटर विशाल प्रजापित और सुपारी लेने वाले शमशाद को हिरासत में लिया है। जबिक दूसरी शूटर रईस और इस मामले में शामिल अंजनी श्रीवास्तव समेत घनश्याम हत्या के दिन से ही फरार है। जबकि क्राउन होटल मालिक प्रदीप जायसवाल को पुलिस ने हत्या के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। जानकारी के अनुसार हत्या को अंजाम देते वक्त गाड़ी रईस चला रहा था और गोली विशाल प्रजापति ने मारी थी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

दरअसल अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के दिन पुलिस को कचेहरी के पास से एक प्रतापगढ़ नंबर की पल्सर बाइक लावारिस हालत में मिली थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजेश की हत्या करने वाले शूटर भी पल्सर बाइक से ही आए थे। और गोली मारने के बाद व कचेहरी की तरफ भाग निकले के थे। जिसके बाद पुलिस को शक हुआ की हो न हो कचेहरी के पास से बरामद बाइक का ही इस्तेमाल अधिवक्ता की हत्या के हुआ हो। पुलिस ने प्रतापगढ़ का नंबर होने के कारण वहां के शातिर अपराधियों की लिस्ट खंगाली तो चला की प्रतापगढ़ निवासी शमशाद पैसे लेकर लोगों की हत्या कराता है।

जिसके बाद पुलिस ने शमशाद को सर्विलांस पर लिया। और तत्काल गिरफ्तार करने के बजाए उस पर नजर रखी। सही मौका मिलते ही सोमवार को इलाहाबाद और वाराणसी एसटीएफ ने साथ मिलकर शमशाद और विशाल प्रजापति को उठा लिया। जिसके बाद पुलिस को पता चला कि हत्या की सुपारी इलाहाबाद निवासी अंजनी श्रीवास्तव ने दी थी। जिसका कई चर्चित आपराधिक गतिविधियों में नाम आ चुका है। अंजनी को सुपारी क्राउन होटल मालिक प्रदीप जायसवाल ने अपने यहां पार्टी आदि का काम लेने वाले घनश्याम ने दी थी। पुलिश सूत्रों की माने तो होटल मालिक प्रदीप जायसवाल ने पांच लाख रुपया घनश्याम को देकर अधिवक्ता को ठिवाने लगाने की बात कही थी। जिसके बाद घनश्याम ने इलाहाबाद झूंसी निवासी अंजनी श्रीवास्तव से संम्पर्क किया।

 

क्यों कराई अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या

 

एसटीएफ के मुताबिक होटल क्राऊन का मालिक प्रदीप जायसवाल अधिवक्ता की शिकायतों से परेशान था। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने नगर निगम से लेकर स्थानीय प्रशासन और कोर्ट तक मामले की शिकायत दर्ज कराई थी और जल्द ही हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करने वाले थे। जिसके बाद निगम के कथित सहयोगी कर्मचारीयों ने होटल मालिक प्रदीप जायसवाल से आगे मदद करने से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि यदि राजेश श्रीवास्तव हाईकोर्ट गया तो होटल को बचाना नामुमकिन होगा।

इस बात से परेशान प्रदीप जायशवाल ने महेवा में रहने वाले अपने दोस्त घनश्याम वैश्य से अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव को रास्ते से हटाने की बात की। होटल में आयोजित पार्टी आदि का काम लेने वाले घनश्याम ने होटल पर खरते की बात सुनी तो उसे भी अपनी रोजी रोटी की चिन्ता सताने लगी। होटल मालिक के कहे के मुताबिक अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव को रास्ते से हटाने के लिए घनश्याम ने झूंसी में रहने वाले अपने दोस्त अंजनी श्रीवास्तव से संपर्क साधा और अंजनी ने प्रतापगढ़ के शमशाद से, जिसके बाद शमशाद ने हत्या का काम प्रतापगढ़ के ही विशाल प्रजापित और रईस को सौंप दिया।

 

शमशाद ने शूटरो की दी थी चोरी की बाइक

 

एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका शमशाद ने अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या में प्रयुक्त पल्सर बाइक को शूटरों को उपलब्ध कराया था। जो कि प्रतापगढ़ के एक बैंकर की थी। जिसे हत्या से कुछ दिन पहले ही चुराया गया था। शमशाद ने शूटरों को गाड़ी देने से पहले बकायदा उसपर छात्र संघ लिखवाया, ताकि उनपर कोई ज्यादा शक न करें और वह काम को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल सके।

 

शूटरों ने हत्या के पहेल की थी रेकी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शूटरों ने घटना को अंजाम देने पहेल भी अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव के घर से लेकर कचेहरी तक पूरी रेकी की थी। कि राजेश घर से निकलने के बाद किस रास्ते और कितने मिनट में कचेहरी पहुंचते है। जानकारी के अनुसार हत्या के दिन अंजनी श्रीवास्तव ने रेकी कर राजेश के घर से निकलने की सूचना शूटरों की दी और कहा कि जहां भी मौका मिले मार दो।

 

पांच लाख में दी गई थी सुपारी, शमशाद तक पहुंचा दो लाख

 

जानकारी के मुताबिक होटल व्यवसायी प्रदीप जायसवाल ने अधिवक्ता को मारने के लिए पांच लाख रुपया घनश्याम को दिया था लेकिन शमशाद तक पहुंचा सिर्फ दो लाख। बीच में तीन लाख रूपया कहा गया इसका खुलासा अंजनी और घनश्याम की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा।

 

By- प्रसून पांडेय

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