अखिलेश यादव ने किया ट्वीट, नरेश उत्तम व सुनील साजन को प्रतापगढ़ जाने से रोकना को बताया सीएम के आदेश पर सत्ता का दुरुपयोग

सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और एमएलसी सुनील सिंह साजन समेत प्रतिनिधि मंडल प्रतापगढ़ पूर्व सांसद व कद्दावर सपा नेता सीपी सिंह के निधन के बाद उनके परिवार से मिलने जा रहे थे। रायबरेली के पास रोक दिये जाने के बाद कोई प्रतापगढ़ नहीं जा पाया। इसी घटना पर ट्वीट कर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर हमला किया है।

प्रतापगढ. समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और एमएलसी सुनील सिंह साजन को सोमवार को प्रतापगढ़ जाने के दौरान रास्ते में रायबरेली के पास ऊंचाहार में रोक दिया गया। नरेश उत्तम पटेल, सुनील सिंह साजन व उदयवीर सिंह सहित सपाइयों के काफिले को लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दखिना टोल प्लाजा निगोहा पर रोक दिया गया। जिसके बाद वहां पर मौजूद सपाइयों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि कुछ समय बाद पुलिस ने सपा प्रदेश अध्यक्ष को जाने दिया, लेकिन वह भी प्रतापगढ़ नहीं गए। सपा का कहना है कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल कद्दावर सपा नेता रहे पूर्व सांसद सीपी सिंह के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करने जा रहे था। इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर इसे सीएम के आदेश पर सत्ता का दुरुपयोग बताया है। हालांकि कोविड प्रोटोकाॅल को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी को किसी प्रकार के कार्यक्रम की इजाजत प्रतापगढ़ के डीएम से नहीं मिली थी। पर सूत्रों की मानें तो प्रशासन विगत दिनों छविनाथ यादव की गिरफ्तारी और हिस्ट्रीशीटर सभापति यादव के परिवार से भी मिलने जा सकते थे। इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन किसी तरह की रिस्क नहीं लेना चाहता था।

 

अखिलेश यादव का ट्वीट

पूर्व MP सीएन सिंह के घर शोक संवेदना प्रकट करने,सपा कार्यकर्ताओं के हो रहे उत्पीड़न और बेलगाम आपराधिक घटनाओं की जानकारी लेने प्रतापगढ़ जा रहे सपा प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम जी MLC सुनील सिंह यादव और उदयवीर सिंह को सीएम के आदेश पर रोके जाना सत्ता का दुरुपयोग एवं घोर निंदनीय!

 

 

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर खुद लिखा कि सपा प्रतिनिधि मंडल पूर्व सांसद सीएन सिंह के घर शोक संवेदना प्रकट करने व सपा कार्यकर्ताओं के हो रहे उत्पीड़न और बेलगाम आपराधिक घटनाओं की जानकारी लेने प्रतापगढ़ जा रहे थे। सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव की एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तारी और इसका विरोध करने वाले सपाइयों पर लाठी चार्ज और सभापति यादव जैसे मामले को देखते हुए प्रतापगढ़ प्रशासन भी अलर्ट था। इसके अलावा सोमवार को ही प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में सपा कार्यकर्ताओं का बेरोजगारी और कानून के मुद्दे को लेकर प्रदशर्न भी था। जानकारी के मुताबिक प्रतिनिधि मंडल को किसी तरह की एक्टिविटी की इजाजत नहीं दी गई थी।

 

हालांकि सपा का दावा था कि प्रतिनिधि मंडल पूर्व सांसद के परिवार से मिलकर शोक संवेदना प्रकट करने आ रहा है। बताते चलें कि सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव का कथित दबंगई का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनकी कोर्ट में पेशी के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तो उन पर पुलिस की लाठियां बरसींं, जिसे सपा ने कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बताया। इसके अलावा सभापति यादव का प्रकरण भी है। प्रदेश अध्यक्ष को इन सबको लेकर प्रेस कांफ्रेंस भी करनी थी। पर जिलाधिकारी से इजाजत नहीं मिली।

 

सूत्रों की मानें तो प्रतिनिधि मंडल संवेदना प्रकट करने पूर्व सांसद स्व. चन्द्र नाथ सिंह के घर तेरहीं में शामलि होने के लिये जाने के साथ ही जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव और सभापति यादव के परिजनों से भी मुलाकात करने की योजना थी। इसके अलावा योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह उर्फ मोती सिंह की विधानसभा पट्टी के धुई गांव में कुछ माह पहले हुए संघर्ष के पीड़ितों मिलने जाने का अनुमान था। संभवतः इन सबको मद्देनजर रखते हुए मद्देनजर रखते हुए प्रतिनिधि मंडल को पहले ही रोक लिया गया।

By Sunil Somvanshi

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रफतउद्दीन फरीद
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