खनन पट्टा निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने का डीएम ने दिया था आदेश हाईकोर्ट ने निरस्त किया

खनन पट्टा निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने का डीएम ने दिया था आदेश हाईकोर्ट ने निरस्त किया
न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खण्डपीठ ने सुनील रजक की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया आदेश

Ashish Kumar Shukla | Updated: 14 Sep 2019, 05:36:55 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खण्डपीठ ने सुनील रजक की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया आदेश

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालू खनन पट्टा निरस्त कर रॉयल्टी वसूली एवं दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने के जिलाधिकारी प्रयागराज के 21 जून 19 के आदेश को रद्द कर दिया है । कोर्ट ने कहा है कि ऐसा करते समय क़ानूनी प्राक्रिया का पालन नही किया गया ।कोर्ट ने सरकार को नियमानुसार विहित प्राक्रिया के तहत कार्यवाही की छूट दी है ।

यह आदेश न्यायमूर्ति बी के नारायण तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खण्डपीठ ने सुनील रजक की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची को फरवरी 18 में बारा तहसील के प्रतापपुर गांव में 8 एकड़ यमुना किनारे बालू खनन का 5 साल का पट्टा दिया गया। 1लाख 60 हजार क्यूबिक मीटर बालू साल भर में खोदा जाना था ।याची ने निर्धारित धनराशि जमा कर दी। कुम्भ मेले के कारण वह निर्धारित बालू खनन नही कर पाया और खनन विभाग को प्रत्यावेदन दिया। दूसरी तरफ विभाग ने नए साल के पट्टे की किश्त जमा करने की नोटिस दी।जमा न करने पर पट्टा निरस्त कर दिया और अधिक समय तक खुदाई की रॉयल्टी मांगी साथ ही ब्लैकलिस्ट कर दिया । यह आदेश जिलाधिकारी ने दिया जिसे चुनौती दी गई । कोर्ट ने कहा उन्हें इसका अधिकार नही था। दूसरी तरफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही में प्राक्रिया की अवहेलना की गयी । जिस पर कोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश को रद्द कर दिया है।

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