scriptAllahabad High Court directed for reconsideration | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो निवास पर आरक्षण का लाभ देने से इंकार पर पुनर्विचार का दिया निर्देश | Patrika News

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो निवास पर आरक्षण का लाभ देने से इंकार पर पुनर्विचार का दिया निर्देश

याची ने ओबीसी कैटेगरी में ऑनलाइन आवेदन किया था। कागजात की जांच के दौरान उसने आरक्षण के समर्थन में निर्धारित अवधि के जाति प्रमाणपत्र के साथ दो निवास प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया । दो निवास प्रमाणपत्र जमा करने के कारण बोर्ड ने उसे सामान्य श्रेणी की सूची में डालते हुए असफल करार दिया। याची का कहना है कि उसने ओबीसी कैटेगरी के कट ऑफ से ज्यादा नंबर हासिल किए हैं।

इलाहाबाद

Published: April 18, 2022 09:32:37 pm

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2015 के ओबीसी अभ्यर्थी याची की नियुक्ति पर छह सप्ताह में विचार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी ने इमरान खान की याचिका पर उसके अधिवक्ता सुनील यादव को सुनकर दिया है। याची ने ओबीसी कैटेगरी में ऑनलाइन आवेदन किया था। कागजात की जांच के दौरान उसने आरक्षण के समर्थन में निर्धारित अवधि के जाति प्रमाणपत्र के साथ दो निवास प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया । दो निवास प्रमाणपत्र जमा करने के कारण बोर्ड ने उसे सामान्य श्रेणी की सूची में डालते हुए असफल करार दिया।
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याची का कहना है कि उसने ओबीसी कैटेगरी के कट ऑफ से ज्यादा नंबर हासिल किए हैं। इसलिए दो निवास प्रमाणपत्र देने के कारण उसे आरक्षण का लाभ लेने से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याची को ओबीसी अभ्यर्थी मानते हुए आरक्षण का लाभ प्रदान करने और ओबीसी कैटेगरी में नियुक्ति करने पर छह सप्ताह में विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि मिले आधार पर हमें संदेह है कि शिकायतकर्ता ने गांव में पड़ी डकैती का प्रयोग उन लोगों को झूठा फंसाने के लिए किया है, जिनके साथ उसकी दुश्मनी थी। जिसकी वजह से बेगुनाह लोग जेल बंद हैं। 16 मई 1980 को आईपीसी की धारा 395/397 के तहत बारह व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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