scriptAllahabad High Court: Inquiry report summoned from Director of Educati | इलाहाबाद हाईकोर्ट: माध्यमिक शिक्षा निदेशक से छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट तलब | Patrika News

इलाहाबाद हाईकोर्ट: माध्यमिक शिक्षा निदेशक से छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट तलब

कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक लखनऊ को छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में निरीक्षक द्वारा पेश अधूरी मूल पत्रावली वापस करते हुए कोर्ट ने छाया प्रति पत्रावली पर रखने को कहा है।और 27जुलाई को मूल पत्रावली के साथ डी आई ओ एस राजकुमार पंडित को फिर हाजिर होने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद

Published: June 01, 2022 11:07:23 pm

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चहेते की नियुक्ति करने के लिए सफल अभ्यर्थी को मिले क्वालिटी प्वाइंट अंक को टाइपिंग गलती मान जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर द्वारा नियुक्ति से इंकार करने के मामले की जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक लखनऊ को छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में निरीक्षक द्वारा पेश अधूरी मूल पत्रावली वापस करते हुए कोर्ट ने छाया प्रति पत्रावली पर रखने को कहा है।और 27जुलाई को मूल पत्रावली के साथ डी आई ओ एस राजकुमार पंडित को फिर हाजिर होने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट: माध्यमिक शिक्षा निदेशक से छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट: माध्यमिक शिक्षा निदेशक से छः हफ्ते में जांच रिपोर्ट तलब
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अजय कुमार पाण्डेय की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर राजकुमार पंडित व श्रीराम जानकी संस्कृत महाविद्यालय तियरा, बदलापुर, जौनपुर के प्रबंधक त्रिलोकी नाथ मिश्र को पक्षकार बनाते हुए तलब किया था। पत्रावली के साथ निरीक्षक हाजिर हुए।कहा याची को 100.166अंक मिले हैं। लिपिक की गलती से 111.000अंक दर्ज हो गया है। इसलिए याची को नियुक्ति देने से इंकार किया गया है।
जब कि याची का कहना है कि रंजीत दूबे की नियुक्ति करना चाहते हैं। इसलिए मेरे साथ गड़बड़ी की गई है। कोर्ट ने निरीक्षक से पूछा चयन प्रक्रिया का पूरी पत्रावली क्यों नहीं लाये,तो कोई जवाब नहीं दिया। प्रबंधक हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने पाया कि पत्रावली में छेड़छाड़ की गई है।ओवर राइटिंग की गई है।जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका की सुनवाई 27जुलाई को होगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना उपकरण के नालों की सफाई मामले में गंभीर, लिया स्वतः संज्ञान


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि प्रयागराज जैसी घटना उत्तर प्रदेश में कहीं और न हों। कोर्ट ने इस मामले में तब संज्ञान लिया जब मीडिया रिपोर्ट में यह पाया कि प्रयागराज में नालों की सफाई के दौरान कर्मचारियों को बिना जीवन रक्षक उपकरण दिए नालों में उतार दिया गया। जिसको लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।

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