इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश को जारी की नोटिस, मांगी सफाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश को जारी की नोटिस, मांगी सफाई
Allahabad High Court

याची को जमानत बांड के सत्यापन के नाम पर चार हफ्ते अभिरक्षा में रखे जाने का मामला।

इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने गाजियाबाद की सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार झा को नोटिस जारी कर सफाई मांगी है। इन पर श्रीमती कविता को जमानत मंजूर करने के बाद एक माह तक अभिरक्षा में रखने का आरोप है।कोर्ट ने जिला न्यायाधीश गाजियाबाद को घटना की जांच कर 6 हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है, सुनवाई 18 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजुल भार्गव की खंडपीठ ने कविता की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई से भी याचिका का जवाब मांगा है।कोर्ट ने विशेष जज झा से पूछा है कि बिना उचित कारण के याची को अभिरक्षा में क्यों रखा, आप के विरुद्ध क्यों न विभागीय कार्यवाही की जाय और याची को देय मुआवजा राशि की कटोती क्यों न आपके वेतन से की जाय।





मालूम हो की श्रीमती कविता व सहअभियुक्त वी.एन माथुर के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र व धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई। जाच सीबीआई ने की। उसने चार्जशीट दाखिल की। दोनों आरोपियों को जमानत मिल गयी। ट्रायल पूरा होने से पहले सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की और याची को 13 अप्रैल 2017 को अभिरक्षा में ले लिया। 20 अप्रैल को एक लाख के पर्सनल बांड व दो श्योरिटी मांगी। वी.एन माथुर सह अभियुक्त को पुराने बांड पर 28 मार्च को अभिरक्षा में लेकर जमानत पर छोड़ दिया। याची को जमानत बांड के सत्यापन के नाम पर चार हफ्ते अभिरक्षा में रखा। इस अवैध अभिरक्षा के आधार पर यह याचिका दाखिल की गयी है। जमानत मंजूर होने के बाद एक माह तक जेल में रखने को चुनोती दी गयी है और मुआवजे की मांग की गयी है।
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