वर्कचार्ज कैडर के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्देश

याची के अधिवक्ता का कहना था कि सिविल सर्विस रेगुलेशन 370 की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने धारा 370 को रद्द कर दिया है।

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 18 Feb 2020, 08:36 PM IST

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2005 में नियुक्त वर्क चार्ज कैडर के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कर्मचारियों की सेवा अवधि की गणना उनकी मूल नियुक्ति की तारीख से करते हुए पेंशन के भुगतान का निर्देश दिया है और इस संबंध में एकल न्यायपीठ द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया है । निसार अहमद व सात अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने दिया है।

याची का कहना था कि उनकी नियुक्ति वर्क चार्ज का कैडर में एक अप्रैल 05 को की गई और 1 जनवरी 2006 से उनकी सेवाएं नियमित कर दी गई। 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही। याची का कहना था कि उनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2005 को हुई है इसलिए वह पुरानी पेंशन के हकदार हैं । इस संबंध में उन्होंने एकल जज के समक्ष याचिका दाखिल की थी। सिविल सर्विस रेगुलेशन की धारा 370 के आलोक में याचिका खारिज कर दी गयी थी । इस फैसले को विशेष अपील में चुनौती दी गई।

याची के अधिवक्ता का कहना था कि सिविल सर्विस रेगुलेशन 370 की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने धारा 370 को रद्द कर दिया है। इसलिए याची की सेवाओं की गणना उनकी मूल नियुक्ति की तारीख 1 अप्रैल 2005 से करते हुए उनको पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए ।कोर्ट ने इस दलील को मंजूर करते हुए याचीगण को 1 अप्रैल 2005 से सेवा में मानते हुए पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया है ।साथ ही एकल पीठ द्वारा पारित आदेश रद्द कर दिया।

BY- Court Corrospondence

Akhilesh Tripathi
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