इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, सरकारी व प्राइवेट सभी शेल्टर होम में लगाये जायें सीसीटीवी कैमरा

इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, सरकारी व प्राइवेट सभी शेल्टर होम में लगाये जायें सीसीटीवी कैमरा

Akhilesh Kumar Tripathi | Publish: Sep, 05 2018 09:35:02 PM (IST) | Updated: Sep, 05 2018 09:35:03 PM (IST) Allahabad, Uttar Pradesh, India

कोर्ट ने कहा कि सरकार इसके लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराये।

इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देवरिया शेल्टर होम मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि शेल्टर होम चाहे सरकारी हो या प्राइवेट, सभी में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायें। कोर्ट ने कहा कि सरकार इसके लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराये। सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि फंड की कमी के चलते वह कानूनी प्रक्रिया को पालन करने में फिलहाल अपने को असमर्थ महसूस कर रही है। सरकार ने कहा कि सभी शेल्टर होम की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित कर दी गयी है। हाईकोर्ट का कहना है कि इस कमेटी में लीगल सर्विस अथारिटी के सचिव को भी शामिल किया जाए।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले व न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने देवरिया शेल्टर होम मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर पारित किया है। कोर्ट का कहना है कि वह सभी शेल्टर होम की निगरानी के लिए न्यायिक कमेटी भी गठित करेगी जो महीने में एक बार शेल्टर होम का निरीक्षण करेगी। सरकार ने बताया देवरिया के शेल्टर होम में लाइसेंस निलंबित होने के बाद लड़कियों को भेजने वाले 28 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गयी है।

 

कोर्ट ने इस पर जानना चाहा कि पुलिस कर्मियों पर किस प्रकार की कार्रवाई की गयी है। उन्हें अभी तक निलंबित क्यों नहीं किया गया। सरकार ने बताया कि घटना के बाद 121 लड़कियों में से कुछ को परिजनों को सौंप दिया गया है। कोर्ट ने देवरिया शेल्टर होम मामले में सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई को बहुत संतोषजनक नहीं माना। कोर्ट ने तीन हफ्ते बाद रिपोर्ट मांगी है।


हाईकोर्ट ने इस मामले में मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की रिपोर्ट भी देखी और कहा कि वह इस मामले में एक विस्तृत आदेश पारित करेगी। इलाहाबाद में सुरक्षित व्हिसिल ब्लोवर 4 लड़कियों से बिना अनुमति मिलने पहुंची एनजीओ के तीन सदस्यों ने हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। जिस पर कोर्ट ने उन्हें गलती न दुहराने की चेतावनी दी। कोर्ट को बताया गया कि वीआईपी की संलिप्तता पर पुलिस व एसआइटी जांच कर रही है। सीबीआई ने अभी मामले की जांच शुरू नहीं की है। कोर्ट इस मामले में तीन हफ्ते बाद सुनवाई करेगी।

 

 

BY- Court Corrospondence

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