पीएसी कांस्टेबलों चालकों की स्थानान्तरण के खिलाफ राहत नहीं, हाईकोर्ट ने कहा...

पीएसी कांस्टेबलों चालकों की स्थानान्तरण के खिलाफ राहत नहीं, हाईकोर्ट ने कहा...
इलाहाबाद हाईकोर्ट

Akhilesh Kumar Tripathi | Updated: 12 Jun 2019, 11:14:29 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

कोर्ट ने कहा कि स्थानांतरण में अदालत तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि किसी वैधानिक प्रावधान का उल्लंघन न किया गया हो।

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएसी मुरादाबाद में तैनात दर्जनों पीएसी कांस्टेबलों चालकों की स्थानान्तरण के खिलाफ राहत नहीं दी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए संबंधित सक्षम अधिकारी से शिकायत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सामान्यतः स्थानान्तरण सेवा का अनिवार्य हिस्सा है। इसमें अदालत तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि किसी वैधानिक प्रावधान का उल्लंघन न किया गया हो।

 

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यशवीर सिंह और सोलह अन्य याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने दिया है। याचीगण का कहना था कि उनकी नियुक्ति पीएसी में कांस्टेबल वाहन चालक के पद पर हुई थी। 5 मार्च 2019 को आईजी मुरादाबाद ने एक आदेश जारी कर याचीगण का स्थानान्तरण विभिन्न जिलों के लिए कर दिया जबकि 24 जुलाई 2015 के शासनादेश के मुताबिक दस वर्ष की सेवा एक जिले में पूरी किये बिना स्थानान्तरण नहीं किया जा सकता। अदालत का कहना था कि यह सामान्य नियम है कि स्थानान्तरण सेवा का हिस्सा है। अदालत इसमें सीमित अधिकार पर ही हस्तक्षेप कर सकती है जबकि किसी कानूनी अधिकार या नियम का उल्लंघन हुआ हो।

 

BY- Court Corrospondence

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