इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईटीआई छात्रों को दी बड़ी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईटीआई छात्रों को दी बड़ी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 14 Jul 2019, 07:06:10 AM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

5 अक्तूबर 18 से पूर्व दाखिला ले चुके छात्रों को 22 जुलाई से होने वाली परीक्षा मे बैठने देने का आदेश।

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के प्राइवेट आई टी आई संस्थानों के छात्रों को बड़ी राहत दी है।कोर्ट ने कहा है कि 5 अक्टूबर 18 से पहले प्रवेश ले चुके सभी छात्रों को 22 जुलाई से होने वाली परीक्षा में बैठने दिया जाय। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने डॉ वीरेंद्र स्वरूप प्राइवेट आईं टी आई सहित कई अन्य याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है।

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एन सी वी टी के पोर्टल पर व्योरा अपलोड न होने के कारण छात्रों को हाल टिकट (प्रवेश पत्र )जारी नही हो सका।जिससे वे परीक्षा में शामिल नही हो पा रहे थे।।कोर्ट ने आई टी आई छात्रों को परीक्षा में बैठने की छूट देते हुए कहा है कि22 जुलाई के बाद छात्रों का व्योरा अपलोड किया जाय । बायोमेट्रिक उपस्थिति को इस सत्र में अनिवार्य रूप से लागू करने को शिथिल करते हुए कोर्ट ने कहा है कि इसे भविष्य में सत्र की शुरुआत से ही लागू किया जाय। कोर्ट के इस आदेश से संस्थानों की लापरवाही के कारण परीक्षा में बैठने से बंचित हो रहे हजारो छात्रों को बड़ी राहत मिली है। आई टी आई संस्थानों ने छात्रों के प्रवेश कर उनका व्योरा समय से एन सी वी टी के पोर्टल पर अपलोड नही किया था।जिसके चलते उन्हें हाल टिकट जारी नही हो पा रहा था।नियमानुसार एन सी वी टी के एम् आई एस पोर्टल पर व्योरा अपलोड होने पर ही हाल टिकट जारी किया जा सकता है।

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संस्थान एस सी वी टी के पोर्टल पर व्योरा अपलोड करते है और एस सी वी टी उसका सत्यापन व् अनुमोदन कर एन सी वी टी के पोर्टल पर अपलोड करती है।कालेजो ने एस सी वी टी को तमाम छात्रों का व्योरा दिया ही नही ।जिससे अपलोड छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गयी थी ।केंद्रीय संस्था ने राज्य संस्था को 29 मार्च 19 तक व्योरा अपलोड करने का निर्देश दिया था।किंतु संस्थानों से व्योरा न मिल पाने के कारण भेजा नही जा सकी संस्थानों व छात्रों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी।

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याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता ओ पी सिंह,आर सी सिंह,संजीव सिंह,शिव सागर सिंह ,एस सी वी टी के अधिवक्ता पंकज पटेल व् भारत सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल,बृजेश श्रीवास्तव,दीपमाला श्रीवास्तव,अन्य ने पक्ष रखा।केंद्र सरकार का स्पष्ट मत था कि 5 अक्टूबर 18 तक ही प्रवेश की अनुमति दी गयी थी।एस सी वी टी के पोर्टल पर पंजीकृत छात्रों का ही प्रवेश संस्थानों में किया जाना था और प्रवेश का व्योरा राज्य पोर्टल के माध्यम से केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करना था।एन सी वी टी ने कई मौके दिए किन्तु व्योरा नही दिया गया ।जिन छात्रों का व्योरा अपलोड नही हो सकाथा उन्हें प्रवेश पत्र जारी नही किया गया था।अब 5 अक्टूबर 18 तक प्रवेश ले चुके सभी छात्रों को 22 जुलाई से शुरू होने वाली परीक्षा में एस सी वी टी के अधिकारियो ने सहमति दे दी है।

By Court Correspondence

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