scriptAllahabad High Court: Reply on depositing damages of five thousand rup | इलाहाबाद हाईकोर्ट: पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने पर जवाब के लिए मिला पांच दिन का समय | Patrika News

इलाहाबाद हाईकोर्ट: पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने पर जवाब के लिए मिला पांच दिन का समय

जब कि कोर्ट ने अपने आदेश से साफ तौर पर कार्रवाई की वैधता पर जवाब मागा है। उप आयुक्त सी जी एस टी गाजियाबाद ने हलफनामा दाखिल किया और जिसका जवाब देना था ,उसी का नहीं दिया। कोर्ट की फटकार के बाद सरकारी अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए समय मांगा जिस पर कोर्ट ने पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने की शर्त पर पांच दिन में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद

Published: April 30, 2022 10:38:51 am

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारी ने जानबूझकर जवाबी हलफनामे में मांगी गई जानकारी नहीं दी।प्रथम दृष्टया जिस तरीक़े से जवाबी हलफनामा तैयार कर दाखिल किया गया है, साफ पता चल रहा है कि धारा 83 सी जी एस टी एक्ट की कार्रवाई की वैधता के मुद्दे पर अधिकारी जवाब जवाब नहीं देना चाहते। जब कि कोर्ट ने अपने आदेश से साफ तौर पर कार्रवाई की वैधता पर जवाब मागा है। उप आयुक्त सी जी एस टी गाजियाबाद ने हलफनामा दाखिल किया और जिसका जवाब देना था ,उसी का नहीं दिया। कोर्ट की फटकार के बाद सरकारी अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए समय मांगा जिस पर कोर्ट ने पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने की शर्त पर पांच दिन में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 5 मई को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट: पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने पर जवाब के लिए मिला पांच दिन का समय
इलाहाबाद हाईकोर्ट: पांच हजार रुपए हर्जाना जमा करने पर जवाब के लिए मिला पांच दिन का समय
यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने वरूण गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा केंद्र सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल किया गया जिसमें धारा 83 के बारे में जानबूझकर एक शब्द नहीं लिखा गया है। इस धारा 83की शक्ति के प्रयोग की वैधानिकता पर जवाब मांगा गया था। कोर्ट ने हर्जाना राशि विधिक सेवा समिति हाईकोर्ट इकाई में जमा करने का निर्देश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट: आज़म खान के लोकसभा चुनाव के खिलाफ जया प्रदा की याचिका खारिज

याचिका पर पक्ष रखने के लिए कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए। आज़म खान के अधिवक्ता एनके पांडेय ने कोर्ट को बताया कि विपक्षी ने लोक सभा सीट से इस्तीफा दे दिया है।जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। इसलिए चुनाव याचिका अर्थहीन हो चुकी है। किंतु कोर्ट ने याची अधिवक्ता के उपस्थित न होने के कारण याचिका अदम पैरवी में खारिज कर दी है।

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