scriptAllahabad High Court seeks reply on residential area in Mathura-Vrinda | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधि पर मांगा जवाब | Patrika News

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधि पर मांगा जवाब

अधिवक्‍ता प्रेमचंद्र पांडेय ने बहस की और याचिका में कहा गया है कि मथुरा वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में निर्धारित मास्टर प्लान के विपरीत बड़े पैमाने पर कामर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसकी वजह से वृंदावन का प्राचीन स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही यहां के पर्यावरण को भी बड़ी क्षति पहुंच रही है।

इलाहाबाद

Published: May 11, 2022 11:43:47 am

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा- वृंदावन मामले में सुनवाई करते हुए कमर्शियल गतिविधियों पर जवाब मांगा है। मास्टर प्लान के विपरीत आवासीय क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधियों के विरुद्ध दाखिल याचिका पर मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व नगर आयुक्त नगर निगम मथुरा से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधि पर मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में कामर्शियल गतिविधि पर मांगा जवाब
मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
मामले में अधिवक्‍ता प्रेमचंद्र पांडेय ने बहस की और याचिका में कहा गया है कि मथुरा वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में निर्धारित मास्टर प्लान के विपरीत बड़े पैमाने पर कामर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसकी वजह से वृंदावन का प्राचीन स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही यहां के पर्यावरण को भी बड़ी क्षति पहुंच रही है।
यह भी पढ़ें

इलाहाबाद हाईकोर्ट में केस लिस्टिंग की नई प्रकिया के खिलाफ कार्य बहिष्कार करेगा बार एसोसिएशन, जानिए वजह

अवध बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति ने सोमवार को बैठक कर सदस्यों की समस्याओं और बार के सदस्यों से नई लिस्टिंग प्रणाली के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर विचार-विमर्श किया। मीडिया से बात करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि हम लिस्टिंग की नई प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और हमने केवल एक दिन के लिए न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का फैसला किया है ताकि हम अपना विरोध दर्ज करा सकें। अवध बार एसोसिएशन और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा विरोध दर्ज करके कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

आंध्र प्रदेश में जिले का नाम बदलने पर हिंसा, मंत्री का घर जलाया, कई घायलपंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के OSD प्रदीप कुमार भी हुए गिरफ्तार, 27 मई तक पुलिस रिमांड में विजय सिंगलारिलीज से पहले 1 जून को गृहमंत्री अमित शाह देखेंगे अक्षय कुमार की 'पृथ्वीराज', जानिए किस वजह से रखी जा रहीं स्पेशल स्क्रीनिंगGujrat कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का विवादित बयान, बोले- मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाबIPL 2022, Qualifier 1 RR vs GT: मिलर के तूफान में उड़ा राजस्थान, गुजरात ने पहले ही सीजन में फाइनल में बनाई जगहRajya Sabha Election 2022: राजस्थान से मुस्लिम-आदिवासी नेता को उतार सकती है कांग्रेस'तुम्हारे कदम से मेरी आँखों में आँसू आ गए', सिंगला के खिलाफ भगवंत मान के एक्शन पर बोले केजरीवालसमलैंगिकता पर बोले CM नीतीश कुमार- 'लड़का-लड़का शादी कर लेंगे तो कोई पैदा कैसे होगा'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.