इविवि के कुलपति उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कर रहे उल्लंघन

इविवि के कुलपति उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कर रहे उल्लंघन
Allahabad High Court

कुलपति के खिलाफ ना हुई कार्यवाही तो एम एच आर डी के खिलाफ आंदोलन

इलाहाबाद. इविवि में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा विवि में विवाद के चलते महीनों से कैम्पस में अशांति बना हुई है, दो दर्जन छात्र जेल में बंद है। दिल्ली सरकार की गठित कमेटी जाँच के लिए आयी और उनके द्वारा क्या निर्णय लिया जा रहा यह देखना होगा। इन्ही मामलो को लेकर कुलपति प्रो आर एल हांगलू पर उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए विवि की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि छात्रों को गुण्डा कहकर जबरन विश्वविद्यालय में आशांती का माहौल पैदा कर रहे है। 





कुलपति का रवैया नहीं बदला तो छात्र हित में सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी जायेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने जो आदेश पारित किया है उसमें दो भाग है। पहला विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए है तथा दूसरा भाग छात्रो के लिए है। विश्वविद्यालय प्रशासन को चार आदेश जारी किया गया है। कुलपति रतन लाल हांगलू चारो आदेशों में से किसी एक की भी पूर्ती नहीं कर पाये है। हास्टल खाली कराने से पहले मरमत के कार्यो का टेण्डर ही नहीं निकाला गया और न ही इस कार्य का कोई ठेका ही हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन हलनामा भी दें कि छात्रावास खाली कराने एवं उसके मरम्मत का कार्य पूरा कराने के लिए 26 मई का समय दिया गया है। लेकिन जब डेण्टर प्रकृरिया ही पूरी नहीं की गई है तो छात्रावासों के मरम्मरत कार्य कैसे पूरा कर पायेगा। 







छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक आनन्द सिंह निक्कू ने कहा कि ट्रस्ट के छात्रावास विश्वविद्यालय छात्रावास नियमावली के तहत नहीं आते है अतः उनका खाली काराया विधिसम्मत नहीं है। ट्रस्ट के हास्टल के लिए अभी तक पांच लाख रूपये ही उपलब्ध है। जो महेज छात्रावासों की टोटी ही बदली जा सकती है। टोटी बदलने के लिए खाली कराना ऐसा लगता है कि जैसे बुखार नापने के लिए किसी अस्पताल में भर्ती करा देना है। 






निक्कू ने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की फींस बढ़ाकर छात्रावासों के रिपेयर व मेन्टेनेन्स के लिए न तो विश्वविद्यालय के पास पैसे है और न ही योजना वह छात्रों की फींस बढ़ाकर यह काम करना चाहता है।कहा कि अब इनकी आदत खराब हो चुकी है। वह वैधानिक छात्रों को भी गुण्डा कह रहें है। यह विश्वविद्यालय को बदनाम करने के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्रों को बदनाम कर रहें है। अब मानव संसाधन मंत्री के खिलाफ आन्दोलन करेंगे। 
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