हाईकोर्ट में मुकदमों के दाखिले व सुनवाई की व्यवस्था से नाराज वकील धरना पर बैठ गए

व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो वह बुधवार को फिर से धरना देंगे

प्रयागराज, 12 मई । लॉकडाउन के दौरान हाईकोर्ट द्वारा मुकदमों की ई -फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए की गई व्यवस्था से तमाम वकील असंतुष्ट हैं। मंगलवार को हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल करने गये अधिवक्ता इसके विरोध में हाईकोर्ट के गेट तीन- ए पर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि हाईकोर्ट ने जो व्यवस्था की है वह सुचारु रूप से काम नहीं कर रही है। जिससे वकील परेशान हैं। दूसरी ओर वादकारी भी उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं। कुछ देर तक धरना प्रदर्शन करने के बाद जब हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से उनकी बात सुनने कोई नहीं आया तो वकीलों ने अपनी शिकायतें और मांगे लिखित रूप से महानिबंधक के पास भिजवा दीं। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो वह बुधवार को फिर से धरना देंगे।

मंगलवार को मुकदमों की फाइलिंग करने पहुंचे वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने 11 और 14 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर मुकदमों की ई -फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई का निर्देश दिया है। मगर वकील अर्जेेंसी में जो मुकदमे दाखिल कर रहे हैं उनका वैरिफिकेशन कोड नहीं भेजा जा रहा है। ई फाइलिंग सेंटर पर मुकदमों का दाखिला भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। आरोप है कि जो याचिकाएं दाखिल हो रही हैं उन पर डिफेक्ट लगा दिया जा रहा है। वहीं कुछ याचिकाएं दाखिल होने के बावजूद सूचीबद्ध नहीं हो रही हैं।

वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई होने की जानकारी होने पर वादकारी उन पर दबाव बनाते हैं । अधिवक्ता कोर्ट बंद होने से आर्थिक रूप से भी परेशान हैं। धरने पर बैठने वालों में आचार्य राजेश त्रिपाठी, राजीव शुक्ला, रीतेश श्रीवास्तव, कुवर राजन, योगेंद्र शर्मा, अवधेश मिश्रा, रवींद्र त्रिपाठी, शिवा त्रिपाठी, हरिमोहन केसरवानी, विदित नारायण मिश्र, केके यादव, उदय शंकर तिवारी आदि थे।

प्रसून पांडे
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