सहायक अध्यापक नियुक्ति परीक्षा में ओएमआर शीट में मामूली गलतियां करने वालों को कोर्ट से राहत

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प्रयागराज. हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड 2016 सहायक अध्यापक नियुक्ति परीक्षा में ओएमआर शीट के दूसरे पार्ट में गलत इंट्री और मामूली त्रुटियां करने वाले अभ्यर्थियों को राहत देते हुए उनकी ओएमआर शीट जांचने का निर्देश दिया है। इन अभ्यर्थियों ने चयनित विषयों के प्रश्नों का जवाब देने के साथ ही अन्य विषयों के कुछ प्रश्नों का भी उत्तर दे दिया था। इस वजह से इनकी ओएमआर शीट जांची नहीं गई। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे याची यदि सफल होते हैं तो उनको साक्षात्कार में बुलाया जाए और उनका परिणाम घोषित किया जाए।

 

मनोज कुमार और 99 अन्य तथा दर्जनों अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने ये आदेश दिया। याचिगण का कहना था कि वह एलटी ग्रेड परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा में दी गई ओएमआर शीट पर दो हिस्से में निर्देश दिए गए थे। प्रथम हिस्स में अभ्यर्थी के बारे में सूचनाएं थीं और दूसरे हिस्से में उन विषयों को चुनना था जिनका उत्तर अभ्यर्थियों को देने हैं। ओएमआर शीट में यह भी निर्देश था कि पहले हिस्से में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर शीट का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

 

याचीगण ने पहले हिस्से की सभी इंट्री सही भरी। दूसरे हिस्से में उनसे कुछ गलतियां हुईं। कुछ अभ्यर्थियों ने चयनित विषयों के अलावा अन्य विषयों में भी उत्तर दे दिये। इसी प्रकार से कुछ अन्य मामूली त्रुटियां हुई जिनकी वजह से उनकी ओएमआर शीट नहीं जांची गयी ओर परिणाम नहीं घोषित हो सका।

 

याचीगण का कहना था कि यदि ओएमआर शीट के पार्ट में कोई गलती नहीं है तो दूसरे पार्ट में याचीगण ने प्रश्नों के सही जवाब दिये हैं। सिर्फ मामूली गलतियों के आधार पर उनका परिणाम नहीं रोका जा सकता। माध्यमिक सेवा चयन बोर्उ के अधिवक्ता का कहना था कि ओएमआर शीट के निर्देशों के बावजूद गलती करने पर अभ्यर्थन रद्द करने का नियम है। उनकीओर से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया गया। कोर्ट ने दूसरे पार्ट में गलतियां करने वालों की ओएमआार शीट जांचने का निर्देश दिया है।

By Court Correspondence

रफतउद्दीन फरीद Desk/Reporting
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