आजम खान ने एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल की याचिका, कोर्ट ने...

जयाप्रदा, डीएम, एसएसपी को भी बनाया पक्षकार

By: Akhilesh Tripathi

Published: 22 Aug 2019, 09:44 PM IST

प्रयागराज. रामपुर से सपा सांसद मोहम्मद आजम खान ने अपने खिलाफ रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 27 एफआईआर को रद्द करने तथा अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति राज वीर सिंह की खंडपीठ ने 29 अगस्त की सुनवाई की तिथि नियत की है।


आजम खां पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के पक्ष में दर्जनों किसानों की जमीन जबरन हड़पने का आरोप है। विपक्षी किसानों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम व वी.के. मिश्र ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की। इनका कहना था कि 27 प्राथमिकियों को एक याचिका में चुनौती नही दी जा सकती। हर एफ आई आर को अलग याचिका में चुनौती दी जानी चाहिए। याचिका पर आजम खां की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन ने बहस की।

 

याची का कहना है कि राजनितिक विद्वेष के चलते उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए गए है। याची की पत्नी डा ताजीन फातिमा भी राज्य सभा सदस्य है। याची का कहना है कि एमएलसी घनश्याम सिंह ने डीएम की शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त से की है। डीएम अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा कर रहे है। सुरक्षा बलों में कटौती कर ली गयी है। प्रशासनिक अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर हिस्ट्री सीट तैयार करने में लगे है। याची की पत्नी ने भी मुख्य चुनाव अधिकारी से सुरक्षा के भय के चलते सुरक्षा की मांग की है।

 

याची का कहना है कि प्रशासन के इशारे पर 8 दिन में उसके खिलाफ 26 एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुल 27 एफआईआर दर्ज हुई है। जब कि ट्रस्ट के नाम जमीन खरीदी गई है। याची के बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गयी है। विश्वविद्यालय में 35 सौ छात्र पढ़ रहे है। 350 एकड़ एरिया में विश्वविद्यालय फैला है जो लोगो से खरीदी गई है। 13 जुलाई 19 से 20 जुलाई 19 जुलाई के बीच प्रशासन के इशारे पर 26 प्राथमिकियां दर्ज कराई गई है। 3 अगस्त 19 को भी एक एफआईआर दर्ज है।

 

याचिका में राज्य सरकार के अलावा अनंजय कुमार डी एम, अजय पाल शर्मा एसएसपी, एसओ मनोज कुमार, राजस्व निरीक्षक रामपुर से बीजेपी प्रत्याशी रही जया प्रदा को पक्षकार बनाया गया है। इसके अलावा 26 किसानों यासीन अली बड़े अली आदि को भी पक्षकार बनाया गया है।

 

BY- Court Corrospondence

Akhilesh Tripathi
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