बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर की मौत का मामला, आरोपी लोकेन्द्र की जमानत अर्जी खारिज

कोर्ट ने कहा है कि युवा जोश किसी भीड़ को पुलिस अथारिटी पर हमले का लाइसेंस नहीं देता।

By: Akhilesh Tripathi

Published: 03 Dec 2019, 09:16 PM IST

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खेतों में गोवंश के अवशेष पाए जाने को लेकर बुलंदशहर में पुलिस पर भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत मामले में आरोपी लोकेंद्र को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि युवा जोश किसी भीड़ को पुलिस अथारिटी पर हमले का लाइसेंस नहीं देता। यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने दिया है।

3 दिसम्बर 2018 को बुलंदशहर के सयाना थाना क्षेत्र में खेत में गौवंश अवशेष पाये जाने पर बलबा हुआ। याची पर भीड़ के साथ लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बलवा करने का आरोप है। जिसमें एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। राज्य सरकार के अपर शासकीय अधिवक्ता का कहना था कि वीडियो क्लिपिंग में याची के रोल को स्पष्ट किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

याची का कहना था एफ आई आर में उसका नाम नहीं है। सब इंस्पेक्टर द्वारा अभियुक्तों का बयान दर्ज करने के आधार पर उसे नामित किया गया। याची का यह भी कहना था कि वह विकलांग है। ऐसी स्थिति में बल्बे में जो रोल उसका बताया जा रहा है, वह सही नहीं माना जा सकता। उसके पास से किसी प्रकार की रिकवरी नहीं हुई है। याची का यह भी कहना था कि एक अभियुक्त डेबिड सिंधू को जमानत दी जा चुकी है। इसलिए पैरिटी के आधार पर उसे भी जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि पुलिस राज्य की संप्रभु प्राधिकारी है। जिस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है। यदि ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई नहीं की गयी तो इससे अराजकता फैलेगी और पुलिस ऐसे बलबे पर कार्रवाई करने से बचेगी। कोर्ट ने कहा हर किसी को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। लेकिन इस अधिकार का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। विरोध प्रदर्शन के नाम पर भीड़ अराजक हो जाए और ऐसे कृत्य कर दे जिसमें पुलिस कर्मी की मौत हो और सरकारी संपत्ति का व्यापक नुकसान हो। ऐसे मामले में पैरिटी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

BY- Court Corrospondence

Akhilesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned