विश्व हिन्दू परिषद की धर्म संसद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शिरकत

धर्म संसद में हिंदुत्व को धार देंगे सीएम योगी

By: प्रसून पांडे

Published: 15 Jan 2018, 01:00 PM IST

इलाहाबाद माघ मेले में विश्वहिंदू परिषद् के शिविर में होने वाले धर्म संसद में संत समागम और हिंदुत्व को धार देने 19 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है।देश भर में राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रही सरगर्मियों और शंकारचार्य के सिंघासन की प्रतिष्ठा को लेकर यह समागम अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बीते कई सालो बाद यदि मुख्यमंत्री समागम का हिस्सा होते है तो इसकी भव्यता निखरेगी।क्यों की बीते सालो में विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल के निधन के बादधर्म संसद औपचारिकता मात्र बन कर रहा गया था। धर्म संसद विमान मंडपम मदिर के नीचे बाँध के पास तय स्थान पर होना है।

त्रिवेणी के तट पर चल रहे माघ मेले में देश भर में विश्व हिंदू परिषद साल भर अपनी योजनाओं पर मंथन कर रही है। साथ ही इस बार विश्व हिंदू परिषद के संत सम्मेलन जिसे विहिप ने धर्म संसद का नाम देती है। उसको भव्य बनाने की योजना है। साथ ही सरकार राम मंदिर निमार्ण पर क्या पक्ष रखती है , यह भी महत्वपूर्ण है। विश्वहिंदू परिषद् के शिविर में होने वाले धर्म संसद के ज़रिए संत समागम और हिंदुत्व को धार देने आगामी 19 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को प्रस्तावित किया गया है।आगामी 19 जनवारी को विहिप इस बार महंत योगी आदित्यनाथ की भी भागीदारी चाहता है। विश्वहिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्ताव भेजा है। कि वह इस संत सम्मेलन का हिस्सा बनें।और अपनी बात रखें, हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से उनके आने की पूर्णतः सहमति पर बात तय नहीं हुई है।

प्रभारी अश्वनी मिश्रा ने बताया कि संत सम्मेलन के लिए दो मंच तैयार किये जा रहे हैं। जिसमें एक मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रमुख संत होंगे।और दूसरे मंच पर अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे सात हजार लोगो के बैठने की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने बताया है कि सम्मेलन में स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती महंत नृत्यगोपाल दास महंत नरेन्द्र गिरी मौनी बाबा सेतुआ बाबा नरेन्द्रानंद सरस्वती रामरतन दासजी सहित कई संत शामिल होंगे।संत सम्मेलन धर्म संसद के जरिये देश भर के धर्मावलंबियों को तमाम मुद्दों संदेश देने और धर्मिक मामलों पर विस्तृत चर्चा की जानी है। साथ ही इस मंच से शंकारचार्य विवाद में दंडी स्वामी एक जुट होकर अपनी ताकत भी दिखाएँगे।

प्रसून पांडे
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