सीएम योगी का बड़ा बयान ,कहा दुश्मनों की भाषा बोलने वाले, गंगा यात्रा पर उठा रहे सवाल

-पूर्व मुख्यमंत्री ने गंगा यात्रा को बताया था पाखंड

-सीएम ने बिना नाम लिए दी नसीहत

प्रयागराज | गंगा यात्रा में शामिल होने संगम नगरी पहुचें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिना नाम लिए विरोधियों पर जम कर बरसे , साथ ही विपक्षी दलों को नसीहत भी दी।गंगा यात्रा में शमिल होने के लिए सीएम शाम साढ़े चार बजे शहर में पहुचें वहां से सीधे उनका काफिला माघ मेले में पंहुचा। सीएम योगी कुंभ मेले की तरह अपने काफिले सहित मेले में आये संतो से मिलने पहुचें। जनसभा संबोधित कर सीएम ने माँ गंगा की महाआरती में भाग लिया।


संतो से की मुलाक़ात
सीएम योगी आये हुए प्रोटोकाल के मुताबिक़ उन्हें पहले नैनी जनसभा में जाना था लेकिन सीएम पहले माघ मेले में गये और स्वामी नृत्य गोपाल दास से मिलने उनके कैम्प में पहुचें। वहां से उनका काफिला महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के शिविर में रुका। सीएम शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के यहां होते हुए स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के शिविर में पहुचें जहां उनसे गंगा यात्रा पर चर्चा की।


पीएम के सपनो की कर रहे साकार

सीएम माघ मेले से निकल कर नैनी के यूनाइटेड इंजीनियरिंग कॉलेज के कैम्पस में पहुचें जहाँ एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में सीएम योगी का सम्बोधन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि पीएम मोदी के संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए गंगा यात्री निकाली गई है। इस यात्रा को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।मां गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूंए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मां गंगा की निर्मलता का प्रमाण देखा है।


प्रदेश में दो स्थानों से निकली यात्रा

सीएम ने बताया की गंगा यात्रा यूपी में दो स्थानों से शुरू हुई है। एक यात्रा बलिया से दूसरी यात्रा बिजनौर से शुरू हुई है। सीएम योगी ने लोगों से बसंत पंचमी की पूर्व संध्या परआह्वान करते हुए कहा की मां गंगा के लिए जो करेगा पुण्य का भागी बनेगा।यह न केवल हमारा कर्तव्य है बल्कि मां गंगा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का भी दायित्व है।


दुश्मनों की भाषा बोलने वालों से उम्मीद नही

वही बिना किसी का नाम लिए उन्होंने अखिलेश यादव पर एक बड़ा तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें समझ नहीं है वह गंगा यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं।ऐसे लोग भारत की परंपरा और संस्कृति के बारे में भी नहीं जानते हैं। वही माँ गंगा की यात्रा पर सवाल उठा सकते है। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए अखिलेश सरकार भी जिक्र करते हुए कहा की 2013 में सरकार ने कई करोड़ खर्च किया लेकिन 12 करोड श्रद्धालु आये। वही 2019 का कुंभ सैनिटेशन क्राउड मैनेजमेंट से लेकर हर मामले में अनूठा आयोजन बनाए । प्रयागराज कुंभ में 25 करोड़ों श्रद्धालु आए। पीएम मोदी के चलते नमामि गंगे योजना सफलता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश के दुश्मनों की भाषा बोलते हैं उनसे गंगा यात्रा के महत्व को समझने की उम्मीद नहीं है।

प्रसून पांडे
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