फिर दिग्गजों की जोर आजमाइश का अखाड़ा बनेगा इलाहाबाद

फिर दिग्गजों की जोर आजमाइश का अखाड़ा बनेगा इलाहाबाद
Rahul Gandhi

Sarweshwari Mishra | Publish: Mar, 29 2019 11:49:50 AM (IST) | Updated: Mar, 29 2019 11:49:51 AM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

कांग्रेस बहुगुणा परिवार को बड़ी चौनुती देने की तैयारी में

प्रसून पाण्डेय
प्रयागराज. इलाहाबाद लोकसभा सीट पर सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ रीता बहुगुणा जोशी को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार घोषित करके सियासी हलचल बढ़ा दी है। डॉ रीता बहुगुणा जोशी के लिए हमेशा उनके घर जैसा रहा। डॉ जोशी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गज कांग्रेस नेता हेमवती नंन्दन बहुगुणा की बेटी है। डॉ जोशी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन के बाद राजनीतिक जीवन की शुरूआत भी यही से की। अब एक बार फिर रीता बहुगुणा जोशी अपने पिता की विरासत संभालने के लिए अपने शहर लौटी है।


एक तरफ जा डॉ रीता बहुगुणा जोशी का टिकट भारतीय जनता पार्टी ने घोषित किया तो वहीं सब की नजर गठबंधन और कांग्रेस पर टिकी रही। इस बीच कांग्रेस की ओर से भी बड़े नाम को घोषित करने की चर्चा जोरों पर है। कांग्रेस से मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद की सीट पर अनिल शास्त्री कांग्रेस के टिकट पर उम्मीदवार हों सकते है। जिसके लिए अलाकमान से एक चरण की बैठक अनिल शास्त्री के साथ पूरी हो चुकी है। वहीं अनिल शास्त्री के नाम की चर्चा ने यह तय कर दिया है, कि यह लोकसभा सीट हॉट सीट बनने जा रही है। देश की सियासत का चेहरा रहे दो दिग्गज परिवार के लोग एक बार फिर पुरखों की विरासत बचाने को उतरेंगे ।


विरासत पाने की कोशिश
इलाहाबाद लोकसभा सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस के दिग्गजों का कब्जा रहा।कभी बहुगुणा और शास्त्री परिवार कांग्रेस के खेवनहार रहे। लेकिन हालात बदले और अब दोनों राजनीतिक घराने एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक सकते है। 1957 और 1967 में देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री यहां से सांसद चुने गए। 1957 में शास्त्री जी को इलाहाबाद से 1,24896 और 1962 में 1,37324 वोट के साथ जनता ने संसद में भेजा था। वहीं उनकी मृत्यु के बाद उनके बड़े बेटे हरी किशन शास्त्री 1967 में इलाहाबाद सीट से सांसद हुए हरिकिशन शास्त्री को 114131 वोट मिले।हलाकि इसके बाद से शास्त्री परिवार भी गांधी नेहरू परिवार की तरह यहां से दूर हो गया। 1971 में हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद में उम्मीदवार हुए और कांग्रेस की जीत का सिलसिला जारी रखा । हेमवती नंदन बहुगुणा को 1,42886 वोट के साथ जीत दर्ज कर संसद में पहुंचे।


कांग्रेस बहुगुणा परिवार को बड़ी चौनुती देने की तैयारी में
हेमवती नंदन बहुगुणा गांधी नेहरू परिवार के करीबी रहे ।लेकिन इंदिरा गांधी के बाद कांग्रेस की कमान राजीव गांधी के हाथ में आई जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच नही बनी। कांग्रेस ने हेमवती नंदन बहुगुणा का टिकट काट दिया। और 1984 के लोकसभा चुनाव में अमिताभ बच्चन को मैदान उतारा। हेमवती नंदन 84 के चुनाव में उस वख्त हारे जब उन्हें विकास पुरुष कहा जाता था। जिले को बहुगुणा ने ही औद्योगिक हब बनाया लेकिन अमिताभ के स्टारडम के सामने विकास बौना हुआ। अब एक बार फिर उनकी बेटी कांग्रेस अलग हो चुकी है। और कांग्रेस उनके सामने शास्त्री परिवार को लाकर फिर बड़ी चुनौती देने का मन बना रही है।


शहर को फिर सशक्त नेतृव मिल सकेगा
अनिल शास्त्री बीते विधानसभा चुनाव से कांग्रेस के हर छोटे.बड़े कार्यक्रम में शहर में पहुंचते रहे है। पिता की कर्मभूमि रही इलाहाबाद सीट पर एक बार फिर शास्त्री परिवार के आने की हलचल से सियासी रौनक बढ़ गई है। प्रो योगेश्वर तिवारी कहते है कि डॉ मुरली मनोहर जोशी के बाद पहली बार जनता अपने नेता के चुनाव के लिए विमर्श करेगी और शहर को फिर सशक्त नेतृव मिल सकेगा। हालांकि प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी साफ तौर पर यह कहने से बचते रहे की जीत और हार में मजबूत कौन होगा। लेकिन उनका कहना था कि यह चुनाव कुछ अच्छा परिणाम लाएगा। छात्रनेता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि दोनों ही अपने पूर्वज की कर्मभूमि पर आ रहे है। लाल बहादुर शास्त्री को देश उनकी ईमानदारी के याद करता हैं। तो वही बहुगुणा को यहां लोग आज भी विकास पुरुष कहते हैं। दोनों का स्वागत है अब देखना होगा कौन ज्यादा प्राभावित कर पाता है।

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned