इलाहाबाद की मेयर का विवादित बयान, कहा- जो राष्ट्रगान का विरोधी है उसे इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं

अभिलाषा ने यूपी में योगी की सरकार बनने पर इलाहाबाद नगर निगम सदन में राष्ट्रगीत अनिवार्य कराया था

By: sarveshwari Mishra

Published: 02 Nov 2017, 02:07 PM IST

इलाहाबाद. इलाहाबाद की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने राजस्थान में जयपुर के नगर निगम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अनिवार्य करने का समर्थन करते हुए विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के विरोधी हैं उन्होंने इस भारत देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। वे इस देश को छोड़कर चले जाएं। कहा कि अब यहां जयपुर में नगर निगम के कर्मचारी काम की शुरुआत राष्ट्रगान और काम के समापन राष्ट्रगीत से करेंगे। कहा कि अगर ऐसा जो नहीं करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए।

 

 

बता दें कि अभिलाषा ने यूपी में योगी की सरकार बनने पर इलाहाबाद नगर निगम सदन में राष्ट्रगीत अनिवार्य करा दिया था। हालांकि जयपुर नगर निगम की तरह इलाहाबाद में भी अभिलाषा के इस फैसले का विरोध हुआ था।


नंद गोपाल नंदी की पत्नी अभिलाषा ने कहा कि राष्ट्रगान गाने पर जिन्हें एतराज हो वह देश छोड़कर किसी दूसरे मुल्क में जा सकते हैं। साथ ही कहा कि भारत में रहने वाला कोई शख्स अगर राष्ट्रगान का विरोध करता है तो उसे देश में रहने का हक नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए।

 

कर्मचारियों में देशभक्ति जगाने अनिवार्य है राष्ट्रगान
सोमवार को जयपुर नगर निगम कार्यालय से जारी किए गए आदेश में लिखा गया है, ‘’नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सामूहिकता की भावना जगाने और काम के लिए अच्छा माहौल बनाने के लिए लिए निगम नई पहल शुरू करने जा रहा है. नगर निगम मुख्यालय पर स्पीकर के साथ सभी को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाना होगा।’’

 



आपको बता दें कि सिनेमाघरों में फिल्म से राष्ट्रगान की परंपरा पर लोगों में बहस चल रही है साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी राष्ट्रगान बजाने और उस दौरान खड़े होने के फैसले की समीक्षा कर सकता है।

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