करोड़ों के बैंक घोटाले में रोटोमैक व सहयोगी कंपनी निवेशकों को अंतरिम जमानत देने से इंकार

गलत दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से करोड़ों रुपए का लोन लेकर के घोटाला

प्रयागराज 5 मई। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 7500 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के आरोपी रोटोमैक कंपनी के निदेशक राहुल कोठारी एसहयोगी फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के निदेशक सुजॉय देसाई और उदय देसाई को अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। तीनों को 19 मार्च 20 को दिल्लीए मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप एवं डायबटीज व अस्थमा बीमारी व अन्य आधार पर तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दिए जाने की मांग को लेकर हाइकोर्ट में ऑन लाइन अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।

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कोर्ट ने जेल प्राधिकारी को याचियो कि संक्रमण से सुरक्षा इंतजाम करने का भी निर्देश दिया है। अभी ये कानपुर जेल मे बंद है। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अर्जी खारिज कर दी है। केंद्र सरकार की ऒर से सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने ई मेल से जवाब दाखिल कर जमानत अर्जी का विरोध किया। ज्ञान प्रकाश के मुताबिक तीनो पर 14 राष्ट्रीय बैंको से 4000 और 3500 करोड़ रुपए की बैंक देनदारी है। इन्होंने गलत दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से करोड़ों रुपए का लोन लेकर के घोटाला किया है ।


रोटोमेक कंपनी के खिलाफ इससे पूर्व सीबीआई भी इलाहाबाद बैंक से 36 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज कर चुकी है। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा से 456 करोड़ों रुपए और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल द्वारा 3592 करोड़ो रुपए की लोन धोखाधड़ी करने का आरोप है । इनके खिलाफ सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है ।कोरोना वायरस संक्रमण और लॉक डाउन के आधार पर राहुल कोठारी ने अपनी तबीयत का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की है। कोर्ट ने सी बी आई को यथा शीघ्र जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।

Corona virus
प्रसून पांडे
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