डेवलपर्स एसोसिएशन को राहत, जीडीए का अतिरिक्त कर व सेस वसूली आदेश रद्द

याचिका का विरोध कर रहे जीडीए के वकील का कहना था कि एसोसिएशन की याचिका पोषणीय नहीं है।

By: Akhilesh Tripathi

Published: 18 Feb 2020, 08:25 PM IST

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन डेवलपर्स एसोसिएशन को बड़ी राहत देते हुए डेवलपर्स और बिल्डर पर लगाए गए अतिरिक्त कर व सेस वसूली पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए कर अर्बन प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट के प्रावधानों व नियमावली के विपरीत है। प्राधिकरण को इस प्रकार से कर लगाने का कोई अधिकार नहीं है। एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति वी सी दीक्षित की खंडपीठ ने दिया।

एसोसिएशन का कहना था वह लोग बिल्डर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने उनसे एलिवेटेड रोड, मेट्रो स्टेशन , रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि की अतिरिक्त वसूली की मांग की है जो कि गैरकानूनी है । क्योंकि अर्बन प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। याची बिल्डर्स का एलिवेटेड रोड, मेट्रो स्टेशन निर्माण से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए उन पर लगाए गए टैक्स गैरकानूनी है।

याचिका का विरोध कर रहे जीडीए के वकील का कहना था कि एसोसिएशन की याचिका पोषणीय नहीं है। क्योंकि कर बिल्डर्स पर लगाए गए हैं जिसके लिए वह व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार है। इसके अलावा नक्शा पास करते समय बिल्डर्स ने इन शर्तों को स्वीकार किया था और टैक्स अदा भी कर रहे हैं। इसलिए इस स्तर पर टैक्स वसूली को चुनौती नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने प्राधिकरण की आपत्तियों को खारिज करते हुए टैक्स वसूली का आदेश रद्द कर दिया है।

BY- Court Corrospondence

Akhilesh Tripathi
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