Big breking: डीजीपी ओपी सिंह ने इलाहाबाद युनिवर्सिटी की मानद उपाधि लेने से किया इनकार, विवादों के बाद लिया फैसला

विवि प्रशासन को बड़ा झटका ,दो दशक बाद हो रहा है दीक्षांत समारोह

प्रयागराज | इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन को बड़ा झटका लगा है । विश्वविद्यालय की ओर से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को मानद उपाधि देने की घोषणा की गई थी लेकिन ,दीक्षांत समारोह से ठीक पहले डीजीपी ने मानद उपाधि लेने से इंकार कर दिया है। जानकारी के अनुसार डीजीपी ओपी सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे। इसके पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक पूरा छात्र ने विश्वविद्यालय से अपनी पीएचडी की डिग्री लेने से इंकार कर दिया था।

विश्वविद्यालय द्वारा डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि देने की घोषणा के बाद से ही हंगामा शुरू हो गया था । उपाधि दिए जाने को लेकर छात्रो द्वारा उन पर तरह -तरह के आरोप लगाये जा रहे थे । पूर्व शिक्षक सहित छात्रों ने इनका विरोध शुरू कर दिया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर राम किशोर शास्त्री ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इस निर्णय के खिलाफ मुखर तौर से विरोध शुरू कर दिया था । प्रोफ़ेसर शास्त्री ने बुधवार को दिल्ली ने विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्रा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय के फैसले पर बड़ा सवाल उठाया साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक इस बात की शिकायत पहुंचाई। वही मामला दिल्ली के दरबार तक पहुंचता देख डीजीपी ओपी सिंह ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने से मना कर दिया है । डीजीपी ओपी सिंह की तरफ से मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू को पत्र लिखकर मानद उपाधि के लिए चुने जाने पर आभार जताते हुए इसे स्वीकार करने से मना कर दिया है।

बता दें कि दो दिन पहले विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शोधार्थी ध्रुव कुमार सिंह ने पीएचडी की उपाधि लेने से इनकार कर दिया था इसके अलावा दीक्षांत समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य शामिल होने की स्वीकृति दी थी ।लेकिन बाद में उन्होंने आने से मना कर दिया था। 22 वर्षों बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति राज्यपाल या सरकार के किसी नुमाइंदे क्यों ना आने को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठते रहे हैं । हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से देर रात राष्ट्रपति भारत राज्यपाल उत्तर प्रदेश के बधाई संदेश का पत्र जारी किया गया और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय को शुभकामना भेजी गई है । वहीं डीजीपी के न आने पर छात्रों के आंदोलन को मजबूती मिली है । विश्वविद्यालय प्रशासन को यह बड़ा झटका माना जा रहा है ।

प्रसून पांडे
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