संगम नगरी में दिगम्बर अनी अखाड़े की भव्य पेशवाई

वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई में आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।

By: Akhilesh Tripathi

Published: 07 Jan 2019, 11:25 PM IST

प्रयागराज. कुम्भ मेले में अखाड़ों की ओर से पेशवाई निकाले जाने का सिलसिला लगातार जारी है। अखाड़ों की ओर से निकाली जा रही पेशवाई में दिव्य, अलौकिक और अद्भुद नजारा देखने को मिल रहा है। सोमवार को तीनों वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई का जुलूस बड़े ही धूमधाम से शाही अंदाज में प्रयागराज की सड़कों पर निकाली गई। वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई में आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। वैष्णव आखाड़ों की पेशवाई में हाथी, घोड़े,ऊंट और रथों पर सवार संत, महात्माओं और महामंडलेश्वरों को देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए हजारों लोग सड़क के दोनों ओर जमा हो गए। केपी इंटर कॉलेज मैदान से निकाली गई पेशवाई छह घंटे से भी ज्यादा समय में कुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर 16 में स्थित अपने शिविरों में प्रवेश किया।

प्रयागराज की सड़कों पर सोमवार को जब वैष्णव अखाड़े के संत, महंत और महामंडलेश्वर हाथी घोड़े, ऊंट और रथों पर सवार होकर पेशवाई में निकले तो उन्हें देखने के लिए मानो सारा शहर उमड़ पड़ा। वैष्णव अखाड़े के शाही जुलूस में सबसे आगे हाथी पर संत महात्मा सवार थे। तो वहीं उसके पीछे ऊंट और घोड़े पर संत महात्माओं का काफिला चल रहा था। इस मौके पर वैष्णव संतों ने सड़क पर हैरतअंगेज कतरब का भी प्रदर्शन किया। संत महात्माओं के जुलूस पर लगातार पुष्प वर्षा भी हो रही थी। इसके साथ ही बैंड बाजे के साथ ही शाही जुलूस में शामिल रथ और आकर्षक झाकियां लोगों का मन मोह रही थी।

दिगम्बर अनी अखाड़े के श्री महंत भक्त चरण दास के मुताबिक पेशवाई के साथ ही अखाड़ों का नगर प्रवेश होता है। यह नगर प्रवेश अखाड़े के निशान के साथ किया जाता है। उनके मुताबिक तीनों वैष्णव अखाड़ों दिगम्बर अनी अखाड़ा, निर्मोही अणी अखाड़ा और निर्वाणी अनी अखाड़े की पेशवाई एक साथ निकाले जाने की परम्परा है। तीनों वैष्णव अखाड़ों में ध्वजा पूजन पांच जनवरी को सीएम योगी ने किया था। अखाड़े के कुम्भ छावनी में प्रवेश के बाद साधु संत प्रमुख स्नान पर्वों पर शाही स्नान में भी शिरकत करेंगे।

By- Prasoon Pandey

Akhilesh Tripathi
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