डीएम के औचक निरीक्षण से मचा हडकंप, लापरवाह कर्मचारियों पर गिरी गाज

सामुदायिक केंद्र में दो महीने से खराब मिली एक्स रे मशीन

By: arun ranjan

Published: 10 Nov 2017, 12:15 AM IST

इलाहाबाद. जिलाधिकारी सुहास एलवाई के औचक निरीक्षण से अधिकारियों के पसीने छूट गए हैं। डीएम ने पिछले दिनों जहां औचक निरीक्षण कर अस्पताल सहित अन्य विभागों के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिराई थी। वहीं आज उन्होंने मेजा और करछना तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों मंे औचक निरीक्षण कर कई लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिराई।

डीएम सुहास एलवाई गुरूवार को मेजा तहसील में औचक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। तहसील कार्यालय में काफी खामियां देखने को मिली। उन्होंने समाधान रजिस्टर और शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही देखने को मिली। उन्होंने राजस्व निरीक्षक का रजिस्टर चेक करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य प्रणाली, खसरा खतौनी की स्थिति, कर्मचारियो की सर्विस बुक भी चेक किया। जांच में कर्मचारियों का सेवा सत्यापन उपस्थिति और छुट्टी का विवरण 2001 के बाद सर्विस बुक में अंकित नहीं होने पर तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई।

इसके अलावा तहसीलदार और एसडीएम की कार्य प्रणाली के बारे में घोर लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सबसे अधिक बकायादारों कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही कई महीनों की पेंडिंग फाइल के लिए भी कड़ी फटकार लगाते हुये आरसी की फाइल बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम ने मेजा थाने का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हिस्टीसीटर, दबंग गांव, असलहों की स्थिति के बारे में पूछताछ की। औचक निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में कमी पाये जाने पर थानाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगायी।

 

डीएम ने तत्काल क्षेत्राधिकारी को भी यह निर्देशित किया कि बीच-बीच में वे भी कार्यालय को चेक कर लिया करें। यहां से डीएम औचक निरीक्षण करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मेजा पहुंचे। औचक निरीक्षण के दौरान डार्क रूम में काफी अव्यवस्था देखने को मिली।एक्स.रे मशीन दो महीने से खराब पड़ा था। जिसके प्रति घोर लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने डार्करूम सहायक और एक्स.रे टेक्नीशियन का वेतन रोकने के आदेश।

साथ ही दोनों को आईजीआरएस सेल में अटैच करने का निर्देश सीएमओ को दिया। सामुदायिक केंद्र में मेडिकल स्टोर बन्द पाये जाने पर डाॅक्टर सत्येन्द्र को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी। इसके बाद उन्होंने मेजा नवोदय विद्यालय के बाद करछना तहसील का निरीक्षण किया। सात साल से खसरा नहीं जमा होने पर लेखपाल को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही करछना थाने का भी औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने पेंडिंग विवेचना को तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया।

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