इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष ने लिखी भावनात्मक चिट्ठी, सोशल मीडिया पर वायरल

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के  उपाध्यक्ष ने लिखी भावनात्मक चिट्ठी, सोशल मीडिया पर वायरल
allahabad university

Prasoon Kumar Pandey | Updated: 02 Aug 2019, 04:54:31 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

-अखिलेश ने लिखा की डिग्री-डिग्री खेलना विश्वविद्यालय के प्रशासन के लिए आम बात

- मैं गरीब किसान का बेटा हूं मेरे परिवार का सपना है की अफसर बनू

-धनबल बाहुबल के बीच इमानदारी के चुनाव में छात्रों ने उपाधयक्ष चुना

प्रयागराज।इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ का स्वरूप बदलकर छात्र परिषद लागू करने के बाद भी छात्र संघ के निवर्तमान पदाधिकारी बनाम विश्वविद्यालय प्रशासन की लड़ाई जारी है। विश्वविद्यालय के वर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव पहले अनुशासनहीनता में कैंपस में प्रवेश पर रोक लगाई गई। उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी डिग्री रद्द करने की तैयारी में है।अखिलेश यादव का कहना है कि उन्होंने छात्र संघ की बहाली का मुद्दा उठाया तो 27 जून को निलंबित कर दिया गया 10 जुलाई को उन्होंने छात्रों की समस्याओं को लेकर डीएसडब्ल्यू से मुलाकात की उन्हें काली सूची में डाल दिया गया या विश्वविद्यालय प्रशासन का तुगलकी फरमान है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय प्रशासन से एक भावनात्मक अपील करते हुए पत्र लिखा है जो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है ।

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ये डिग्री जो आप महोदय मेरी रद्द करने पर तुले हुए हैं एइसी डिग्री के लिए मेरे माता पिता ने खेतों खलिहानों में काम करके, भाइयों ने खून पसीने की कमाई एक करके मुझे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए भेजा था। परिवार में गरीबी के कारण मुझसे बड़े मेरे भाई बहन पढ़ नहीं पाए विश्वविद्यालय तक पहुंच नहीं पाए।उन सभी लोगो का सपना था कि हमारा भाई विश्वविद्यालय में पढ़ेगा अधिकारी बनेगा घर परिवार का नाम रौशन करेगा।कक्षा छठवीं में नवोदय विद्यालय चंदौली में प्रवेश होने के बाद मानो माता पिताजी को यकीन हो गया था एबचवा हमारा बहुत आगे जाएगा ।

विश्वविद्यालय में आने के बाद मैंने खूब मेहनत से पढ़ाई की विश्वविद्यालय की हॉकी टीम से प्रतिभाग किया, हॉकी टीम का कप्तान भी बनाए बीए की परीक्षा भी 65ः अंकों के साथ उत्तीर्ण की । छात्र.छात्राओं द्वारा विवि का निर्वाचित छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी बनाए जो कि हमारे जैसे आम छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी बात होती है।हां मैं मानता हूं की इलाहाबाद विश्वविद्यालय का चुनाव धनबल और बाहुबल पर होता है खूब पैसे लगते हैं पर वही हम जैसे भी आम छात्र होते हैं जो दोस्तों बड़े भाइयों के पॉकेट मनी के सहयोग से घर के चोरी से चुनाव लड़ते हैं और उनके अथक मेहनत व परिश्रम से चुनाव भी जीतते है।

छात्रसंघ पदाधिकारी का प्राथमिक कार्य होता है कि विश्वविद्यालय की गलत नीतियों का विरोध करना और यदि हम अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं तो आप हमारे भविष्य को ही बर्बाद करने की जिद्द ठान लेते हो हमे अपराधी उपद्रवी हत्यारा घोषित कर देते है ।महोदय आपके लिए डिग्री.डिग्री खेलना आसान है एपर हम गरीब किसान परिवार के लड़कों के लिए मानो एक बहुत बड़ा सपना होता है, पूरे गांव की आश होता है। आप सिर्फ मेरी ही डिग्री नहीं रद्द कर रहे हैं बल्कि उन सभी ग्रामीण परिवेश से आए हुए छात्रों के भविष्य अंधेरे में धकेल रहे जोकि ग्रामीण परिवेश से विश्वविद्यालयों में अपने भविष्य को लेकर जाते हैं ।ये तस्वीर हमे बार.बार सोचने पर मजबूर कर देती है कि हम छात्र ही कमजोर हो चुके हैं या विश्वविद्यालय प्रशाशन तानाशाही हो गया है ।अखिलेश के इस पत्र के समर्थन में पूर्व छात्र नेताओं के सहित सोशल मीडिया पर आम छात्रों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कर्तव्य निर्वहन करने का परिणाम यह है तो आगे देखा जाएगा क्या होता है।

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