रेल मंत्रालय के सचिव व फ्रेट कॉरिडोर के एमडी बैठकर निकालें नए रेल ट्रैक की समस्या का समाधान

मुगलसराय-कानपुर नए रेल ट्रैक के लिये खनिज मुहैया कराने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया निर्देश।

इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने मुगलसराय कानपुर नये रेलवे टैªक के लिए खनिज मुहैया कराने के मामले में रेलवे मंत्रालय के सचिव व डेडीकेटेड फ्राइट काॅरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को बैठक कर समस्या का हल निकालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अधिकारियों की शिथिलता के चलते 9 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हो रही है। जिससे प्रोजेक्ट की लागत में अनावश्यक बढ़ोत्तरी हो सकती है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को रिपोर्ट के साथ बीस मार्च को कोर्ट में हाजिर होने का भी निर्देश दिया है।


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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने जी.एम.आर इन्फ्रास्ट्रक्चर्स कम्पनी की याचिका पर दिया है। इससे पूर्व प्रदेश में खनन पट्टों पर लगी रोक के चलते याची की याचिका पर कोर्ट ने सरकार को खनन उपलब्धता पर निर्णय लेने को कहा था। याची कम्पनी को खनिज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने शासनादेश जारी किया और खनन ब्लॉक तय कर सरकारी एजेन्सी के मार्फत खनिज लेने की अनुमति दी। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एस.पी.सिंह का कहना है कि कार्पोरेशन खनिज नहीं दे रहा है।


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विश्व बैंक का प्रोजेक्ट समय से पूरा करने का दबाव है। कार्पोरेशन के अधिवक्ता प्रांजल मेहरोत्रा को कोर्ट ने कहा कि जनहित के मामलों में अधिकारियों को अड़चन डालने के बजाय सहयोग करना चाहिए। साथ ही प्रबंध निदेशक को रेल मंत्रालय के साथ बैठक कर खनिज उपलब्ध कराने की अड़चन दूर करनी चाहिए। ताकि प्रोजेक्ट समय से पूरा हो सके। राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानन्द पाण्डेय ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने शासनादेश जारी कर याची को कार्पोरेशन के मार्फत खनिज लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। इस पर कोर्ट ने रेलवे मंत्रालय के सचिव व कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को बैठक कर प्रोजेक्ट में सहयोग करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई बीस मार्च को होगी।
Court Correspondence

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रफतउद्दीन फरीद
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