इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक ही जूनियर इंजीनियर पद के लिये योग्य, इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ का फैसला

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक ही जूनियर इंजीनियर पद के लिये योग्य, इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट

Akhilesh Kumar Tripathi | Publish: Jul, 26 2019 02:47:19 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

कोर्ट ने कहा कि जरूरत के हिसाब से सरकार को पद की योग्यता निर्धारित करने का अधिकार है। कोर्ट नियुक्ति योग्यता की शर्ते तय नही कर सकती।

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने फैसला दिया है कि इंजीनियरिंग डिग्री जूनियर इंजीनियर पद पर नियुक्ति की अर्हता नही है, केवल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक ही नियुक्ति योग्यता रखते हैं और वही नियुक्त हो सकते है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार नियोक्ता है, किसी भी पद पर नियुक्ति की योग्यता, अर्हता निर्धारित करने का उसी को अधिकार है। कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

यह फैसला न्यायमूर्ति बी के नारायण, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पूर्ण पीठ ने दीपक सिंह व दर्जनों अन्य याचिकाओं पर उसे सवालों का निस्तारण करते हुए दिया है।

कोर्ट ने यह मानने से इंकार कर दिया कि इंजीनियरिंग डिग्री बेहतर योग्यता है, इसलिए उनकी भी नियुक्ति की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा डिप्लोमा व डिग्री भिन्न योग्यता है, दोनों की तुलना नहीं की जा सकती, इसलिए सरकार का जूनियर इंजीनियर की नियुक्ति से इंजीनियरिंग डिग्री को अलग रखने का निर्णय सही है। इंजीनियर डिग्रीधारक जूनियर इंजीनियर पद की नियुक्ति प्राक्रिया में शामिल नहीं हो सकते।

कोर्ट ने कहा कि जरूरत के हिसाब से सरकार को पद की योग्यता निर्धारित करने का अधिकार है। कोर्ट नियुक्ति योग्यता की शर्ते तय नही कर सकती। कोर्ट ने कहा है कि ओ लेबल डिप्लोमा व पी जी डी सी ए समान योग्यता नही है।दोनों अलग है, सभी याचिकायें निर्णय के लिए एकल न्यायपीठ को संदर्भित कर दी गयी है।

याची इंजीनियरिंग डिग्री धारकों का कहना था कि वे बेहतर योग्यता रखते है,इस लिए जूनियर इंजीनियर भर्ती में उन्हें शामिल किया जाय।सरकार द्वारा अनुमति न देने पर चुनौती दी गयी है। उ प्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिवक्ता के एस कुशवाहा का कहना था कि याचीगण निर्धारित योग्यता नही रखते, इस पद के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा ही अर्हता तय की गयी है।

 

BY- Court Corrospondence

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