किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया

किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया
kinnar sant

Prasoon Kumar Pandey | Updated: 20 Dec 2018, 08:52:19 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

सोशल इकोनॉमिक आधार पर ट्रांसजेंडर के लिए रिजर्वेशन की मांग की

प्रयागराज | किन्नरों यानि ट्रांसजेंडर को अलग पहचान देकर उन्हें सशक्त बनाने वाले विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पारित कराये जाने का किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्वागत किया है। उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत का धन्यवाद देते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने ही ऐसा पुरुषार्थ दिखाया है।

हांलाकि उन्होंने इस विधेयक में ट्रांसजेंडर को परिभाषित करने की मांग की है। साथ ही मंडल आयोग द्वारा तय किए गए सोशल इकोनॉमिक आधार पर ट्रांसजेंडर के लिए रिजर्वेशन की भी उन्होंने मांग की है।आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ट्रांसजेंडर को एजुकेशन में भी वरीयता दिए जाने की सरकार से मांग की है। इसके साथ ही बिल में किन्नरों के गुरु.शिष्य परम्परा का उल्लेख न होने पर भी आपत्ति दर्ज करायी है। किन्नर संत लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा की हमारे यहाँ गुरु शिष्य परंपरा का बड़ा इतिहास है

सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के हितों को ध्यान में रखा
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने 27 संशोधनों के साथ लोकसभा में पारित किया गया है। द ट्रांसजेंडर पर्सन्स प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स बिल 2016 में ट्रांसजेंडर्स को परिभाषित करने के अलावा उनके साथ भेदभाव को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया की इस बिल में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को परिभाषित करने उनके खिलाफ भेदभाव पर पाबंदी लगाने और उन्हें ***** पहचान का अधिकार देने के प्रावधान शामिल किए गए। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सामाजिक न्याय के तहत सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को के हितों को ध्यान में रखा है। कहा कि यह समाज सामाजिक बहिष्कार से लेकर भेदभाव, शैक्षणिक सुविधाओं की कमी बेरोजगारी, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करता रहा है लेकिन सरकार के इस विधेयक का हम स्वागत करते हैं।

आखाड़े की मान्यता और शाही स्नान का समय मांगने की जद्दोजहद
दरअसल आगमी कुंभ मेले में किन्नर आखाड़े को 14वें आखाड़े की मान्यता और शाही स्नान का समय मांगने की जद्दोजहद में किन्नर संत लगें है ।आखाडा परिषद् किन्नर आखाड़े को मान्यता देने को तैयार नहीं है । हालाकि किन्नर महामंडलेश्वर को मेला प्रशासन ने रहने की अनुमति दे दी है l किन्नर महामंडलेश्वर इस समय प्रयागराज में है। अपने कैम्प की तैयारियों में जुटे है। इसी के बीच मेले में किन्नर संत ने पत्रिका से बात कर मोदी सरकार के प्रति सम्पूर्ण किन्नर समाज की ओर से आभार जताया।

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