शाह ने किया है नाराज, मोदी जायेंगे मनाने

शाह ने किया है नाराज, मोदी जायेंगे मनाने
amit shah- modi

चुनावी तपिश में हाइकोर्ट विभाजन के मुद्दे पर दिया गया अमित शाह का बयान बीजेपी के लिए बना गले की फ़ांस

विकास बागी

इलाहबाद. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अरसे बाद संगम नगरी में हो रही बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले ही चर्चा में बन गयी है। बीजेपी को अब लग रहा है कि इलाहाबाद में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना कही भारी न पड़ जाये। एक तरफ नेहरू की नगरी में वरुण गांधी की आंधी चल रही है तो दूसरी तरफ हाइकोर्ट के अधिवक्ता नाराज चल रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा हाइकोर्ट के विभाजन के मसले पर दिए गए बयान ने तूल पकड़ लिया है। 
शाह के बयान ने इस कदर अधिवक्ता समाज को नाराज कर दिया है कि pm मोदी को अपने कार्यक्रम में  संशोधन करना पड़ा। पूर्व में मोदी को सिर्फ जजों के साथ चाय के दौरान चर्चा करनी थी लेकिन शाह के बयान के बाद बढ़ती नाराजगी को भाँपते हुए मोदी  अब 20 मिनट बार एसोशिएशन के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। हाइकोर्ट बार के अध्यक्ष रमाकांत ओझा का कहना है कि यदि पीएम मोदी अमित शाह के बयान को लेकर सपष्टीकरण नहीं देते हैं तो उनका घेराव किया जायेगा। बार एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने चेताया की यदि शाह ने बेंच विभाजन के मुद्दे पर खंडन नहीं दिया तो अधिवक्ता समाज बीजेपी का मिशन 2017 पूरा नहीं होने देंगे।

घर में घिर गए केशव

हाइकोर्ट के वकीलों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद का घेराव कर उनसे मामले में स्पस्टीकरण माँगा तो उन्होंने कहा की अमित शाह से वार्ता किये बिना कोई बयान नहीं देंगे। हाँ, आश्वस्त जरूर किया कि इसपर अमित शाह से उनकी मुलाकात कराकर वस्तुस्तिथि स अवगत कराने का प्रयास करेंगे।
उधर, हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजेश खरे का कहना है कि फिलहाल यह मुद्दा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नहीं उछलेगा क्योंकि बैठक का एजेंडा पहले से ही तय हैं।

राजनीतिक न बनाएं मुद्दे को 
बार काउन्सिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष वीसी मिश्र का कहना है कि हाइकोर्ट की बेंच के विभाजन के मुद्दे को राजनीतिक न बनाएं। यह एक संवैधानिक मसला है और इसका हल कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। अनुछेद 214 में एक राज्य में एक ही हाइकोर्ट की व्यवस्था है। लखनऊ खंडपीठ की बात की जाये तो यह राज्य के पुनर्गठन के फलस्वरूप अस्तित्व में आया है।

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