संगम नगरी से किसे मिलेगा जीत का अमृत कलश,जानिए कौन जीत रहा

संगम नगरी से किसे मिलेगा जीत का अमृत कलश,जानिए कौन जीत रहा
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Prasoon Kumar Pandey | Updated: 20 May 2019, 05:13:38 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India


भाजपा कुंभ का पुण्य पाएगी या विपक्ष का साथ देगी प्रयागराज की जनता

प्रयागराज | लोकसभा चुनाव में मतदान होने के बाद सभी को जनता के फैसले का इंतज़ार है । संगम की रेती पर कुंभ ने जहाँ दुनियां भर को आकर्षित किया वही देश भर की नजर दोनों संसदीय क्षेत्र के परिणाम पर है । भाजपा ने कांग्रेसी को उतारा तो वही कांग्रेस ने संघ के कार्यकर्ता को टिकट देकर भाजपा को चौंका दिया। इलाहाबाद से प्रयागराज हुए शहर के लिए ये पहला चुनाव है । जिसमे सड़क, बिजली, पानी जैसी समस्याओं को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं हुए कुंभ मेले के दौरान करोड़ों रुपए से खर्च किए गए । भाजपा को उम्मीद है की विकास का असर चुनाव में कितना देखने को मिलेगा । लेकिन गठबंधन सहित कांग्रेस ने संगम नगरी में कम सियासी मंथन नही किया है अब देखना है की प्रयागराज का अमृत कलश किसको मिलेगा।

कांग्रेस ने संघ के कार्यकर्ता की इंट्री करा दी
इलाहाबाद लोकसभा सीट पर डॉ रीता बहुगुणा जोशी अपने पिता की सीट हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।गठबंधन ने भाजपा के घर में सेंधमारी की भाजपा विधायक के चाचा को उतार दिया ,वही संघ को पानी पी -पी कर गाली देने वाली कांग्रेस ने संघ कार्यकर्ता योगेश शुक्ला का हाथ पकड़कर सबको हैरान कर दिया। सियासी पंडित कुछ बोलने को तैयार नही है। देश की वीवीआइपी सीट में शुमार फूलपुर सीट पर भाजपा का कमल खिलाना केशरी देवी पटेल के लिए बड़ी चुनौती है। केशव प्रसाद मौर्य के लिए बिना चुनावी मैदान में उतरे यह सीट उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। गठबंधन ने पंधारी यादव भरोसा जताया लेकिन अपने लोगों ने उन्हें साथ नही दिया है। काग्रेस ने पंडित नेहरू की सीट पर अपने किसी कार्यकर्ता को जगह नही दी और आयातित उम्मीदवार पंकज निरंजन को अपना साथी चुना हालकी पंकज वोट कटवा साबित हो रहे है।

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सभी उम्मीदवार अपनों से लड़ते रहे
सभी दल के उम्मीदवार प्रयागराज में संगम की रेती पर अमृत कलश की तलाश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि महीनों चले मंथन और मतदान के बाद जीत का अमृत किसके हाथों में जाएगा । लोकसभा चुनाव के दरमियान सभी राजनीतिक दलों को आपसी खींचतान से जूझना पड़ा। भाजपा का एक खेमा जहां रीता बहुगुणा जोशी से दूरी बनाकर चल रहा था। लेकिन सब पर भारी पड़ने वाला करवरिया परिवार रीता बहुगुणा जोशी का झंडा लेकर साथ में खड़ा रहा। इसी तरह फूलपुर में केशरी देवी पटेल को पार्टी के अंदर कुछ नेता अपने राजनीतिक नफे और नुकसान को देखते हुए उनके साथ जाने में हिचकते दिखे। गठबंधन के पंधारी यादव और राजेंद्र पटेल भी अकेले अपने दम पर ही मतदाताओं के बीच थे।

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इलाहाबाद से प्रयागराज
कुंभ मेले से पहले योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया यहाँ मार्ग दर्शक मंडल की बैठक हुई। राज्यपाल राम नाईक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए। प्रदेश सरकार ने बिना देर किए इस बैठक में प्रयागराज नाम के प्रस्ताव की मुहर पर लगा दी ।अधिसूचना जारी की इसके साथ ही 450 साल बाद अकबर काल का इलाहाबाद से प्रयागराज हो गया। भव्य कुंभ को भाजपा ने मुद्दा बनाए रखा पीएम मोदी को में दो बार यहाँ आये। योगी सरकार की पूरी कैबिनेट यहां बैठी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि दोबारा सरकार बनी तो अक्षयवट के दर्शन 24 घंटे के लिए वर्ष भर सुलभ होंगे।कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संगम तट से बनारस यात्रा शुरू की पूर्व सीएम अखिलेश यादव नहाने आना पड़ा ।

परिणाम बताएगा किसे कितना पुण्य मिला
कुंभ में भाजपा सहित कांग्रेस सपा सभी दलों के नेताओं ने डुबकी लगाई लेकिन बसपा इससे दूर रही। अब यह परिणाम तय करेगा की अखिलेश यादव की डुबकी का पुण्य मायावती भी पाएंगी या जीत का कलश भाजपा के हाथों में होगा। कांग्रेस को नाव यात्रा का कितना फायदा मिलेगा यह उनको मिला वोट प्रतिशत करेगा। हालकी मतदान के बाद गठबंधन और भाजपा के बीच काटें की टक्कर है। जीत हार का अंतर बेहद कम होगा।

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