Magh Mela :पहली बार हिन्दूओं के माघ मेले में मुस्लिम समुदाय पेश करेगा ये नई मिशाल

वैदिक मंत्रोच्चरण के बीच गुंजेगा कौमी एकता का संदेश

By: arun ranjan

Published: 04 Jan 2018, 02:29 PM IST

इलाहाबाद. संगम नगरी इलाहाबाद के माघ मेले में इस बार संतो ंके वैदिक मंत्रोच्चारण, हिन्दू अनुष्ठान और सत्संग के बीच पहली बार मुस्लिम मंच का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेश से आए हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोग कौमी एकता का संदेश देते नजर आएंगे। कौमी एकता का यह कार्यक्रम मौनी अमावस्या के आसपास किया जा सकता है।

देश में अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के नाम पर भले ही कुछ लोग दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हों। बावजूद इसके माघ मेले में मौनी अमावस्या के आसपास आस्था के संगमत तट पर गंगा जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिशाल देखने को मिलेगी। मंत्रोच्चारण और वैदिक मंत्रों की गूंज से माघ मेला क्षेत्र सहित पूरा इलाहाबाद भक्तिरस में डूबा नजर आ रहा है।

माघ मेले में इस भक्तिमय गूंज के बीच जल्द ही साकेत धाम शिविर में कौमी एकता का भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। माघ मेले में पहली बार कोई मुस्लिम मंच का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होगा। साकेत धाम शिविर मंे आयोजित होनेे वाले कौमी एकता के कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, झारखंड सहित कई अन्य राज्यों से सैंकड़ो मुस्लिम समुदाय के लोगों को बुलाया गया है।

इनके साथ हिंदू समाज के संत महात्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहेंगे। यहां मौजूद सभी लोग हिन्दू मुस्लिम एकता का संदेश देते नजर आएंगे। साकेत धाम के बिनैका बाबा ने बताया कि कौमी एकता का मुख्य उद्देश्य देश मंें हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारे को मजबूत करना है। दोनों समुदाय के बीच प्रेम बना रहे। मानव जाति कोई अलग नहीं होती। हम हिन्दूस्तानी हैं।

जो जयहिंद बोलता है वो भारतीय है। वहीं मानव जाति है। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या आसपास होने के कारण अभी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यह आयोजन अमावस्या के बाद ही आयोजित होगा। इसे लेकर तैयारियों करीब पूरी हो चुकी हैं।

 

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