संगम की रेती पर बसेगा अब तक का सबसे बड़ा माघ मेला  ,सुरक्षा में तैनात होंगे 3500 पुलिस कर्मी

10 जनवरी से 21 फरवरी तक चलेगा माघ मेंला

प्रयागराज। संगम की रेती पर सनातन परंपरा का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माघ मेला 2020 का शुभारंभ होने में चंद दिन शेष बचे है। दिव्य -भव्य कुंभ के बाद मेले का यह पहला आयोजन है। मेले की बसावट को लेकर मेला प्राधिकरण सहित जिला प्रशासन अपनी ताकत झोंक दी है। माघ मेले की औपचारिक शुरुआत पौष पूर्णिमा से हो जाएगी। जिसके पहले संस्थाओं और पुरोहितों का आना संगम क्षेत्र में शुरू हो गया है। माघ मेले में कुंभ जैसी व्यवस्थाओं को देने का दावा मेला प्रशासन कर रहा है। तो वहीं मेले में अभी तमाम काम अधूरे हैं जो संस्थाओं और संतों के लिए समस्याओं का सबब बने हुए हैं। हालांकि इस बार मेला क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जा रहा है मेले को 700 बीघा बढ़ा दिया गया है यानी 2560 बीघे में बसाया जा रहा। मेला 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाला मेला 21 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा।

धर्म का महापर्व

जप ,तप, अनुष्ठान, ध्यान ,दान ,का महापर्व कल्पवास पौष पूर्णिमा 10 जनवरी से प्रारंभ हो जाएगा। माघ मेले में अखाड़ों के आने की परंपरा नहीं है।लेकिन कल्पवास के लिए संत मेले में आते हैं। लंबी बारिश और बाढ़ के चलते मेला प्रशासन का काम इस बार देर से शुरू हुआ। अभी भी सैकड़ों एकड़ जमीन दलदल बनी हुई है ।जिसके चलते मेला प्रशासन ने कई बीघे जमीन अतिरिक्त ली है। पहली बार माघ मेला 2560 बीघे में आबाद होगा। इन सब के साथ सुरक्षित मेला कराने के लिए भी मेला अधिकारी द्वारा बैठकों का दौर जारी है। सुरक्षित मेले का आयोजन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।

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छह सेक्टर में बसेगा मेला

मेलाधिकारी रजनीश मिश्र के मुताबिक़ संगम नोज से लेकर सेक्टर एक के पूरे इलाके में कटान के चलते तमाम संस्थाओं को भूमि आवंटित नहीं की जा सकी है। मेला प्राधिकरण ने इस बार 700 बीघे अतिरिक्त भूमि ली है। साथ ही 2018 माघ मेले के मुताबिक इस बार संस्थाओं की संख्या बढ़ी है। साथ ही कटान और दलदल के चलते कई पुराने स्थानों पर काम नहीं हो पा रहा है। माघ मेले में पहली बार छह सेक्टरों में बसाया जा रहा है। जबकि अभी तक मेला पांच सेक्टर में ही बसाया जाता रहा है। मेले में 5 पार्टून पुल बनाये गये है। मेला अधिकारी के मुताबिक आने वाले एक सप्ताह में बाकी बचे सारे काम पूरे कर लिए जाएंगे।

सुरक्षा होगी चाक चौबंद

वही सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को माघ मेला सुरक्षा एवं पुलिस की तैयारियों के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक मेला पूजा यादव जानकारी देते हुए बताया की सुरक्षित मेला कराने में किसी भी तरह की कोई चूक नही की जाएगी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 13 पुलिस थाने और 38 चौकियां स्थापित हो रही है। 3500 पुलिसकर्मी मेले में तैनात किए जाएंगे जिसमें महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 243 महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी दी जाएगी ।13 विशेष प्रकार के फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ।185 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही नाइट विजन डिवाइस भी लगाई जाएगी।हाईटेक ड्रोन से भी मेले निगरानी की जाएगी। साथ ही मेले में नाविकों को यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने के कड़े निर्देश दिए है।

प्रसून पांडे
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