सीएए के खिलाफ प्रयागराज में पांचवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन, आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे शहीद अशफाक उल्ला खां के पोते

भारत अशफाक उल्ला खां की दोस्ती का मुल्क

प्रयागराज। नागरिक संशोधन कानून (सीएए) को वापस लेने के लिए पांचवें दिन भी मंसूर अली पार्क में धरना प्रदर्शन जारी रहा। जिले में पहली बार है, जब किसी धरने की कमान सीधे महिलाओं के हाथ में है। खासतौर पर मुस्लिम महिलाएं पहली बार पांच दिनों तक लगातार खुले आसमान तले बैठकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रही है। सरकार से सीएए को वापस लेने और एनआरसी लागू न करने की मांग महिलाए कर रही है।प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है वह अपने देश में अपनी पहचान किसलिए बताएं । सपा के राज्यसभा सांसद रेवती रमण ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सीएए को काला कानून करार दिया है। वही शाहजहांपुर से आकर शहीद अशफाक उल्ला खां के पोते ने प्रदर्शन को समर्थन दिया। इस प्रदर्शन को समाजसेवी संस्थाओं सहित तमाम शिक्षकों और बुद्धजीवियों का भी समर्थन मिलने लगा है।

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अपने मुल्क में कैसा दस्तावेज
गुरुवार की दोपहर तक दो हजार से ज्यादा महिलाएं छोटे बच्चे मंसूर अली पार्क में जुटे हैं। नारे लगाते और भीड़ को संबोधित करते करते कई कई महिलाएं है जिनकी आवाज भी भर आई हैं। प्रोटेस्ट में बैठी सारा अहमद कहती है कि यह कानून सरकार को वापस लेना होगा। हम अपने मुल्क में अपनी पहचान किसी और किसलिए बताएं ।सारा अहमद कहती है कि हमारे वालिद इस मुल्क के लिए कुर्बान हो गए ।हमने अपना वतन हिंदुस्तान को समझा इसलिए हमारे पुरखे यहां रुके रहे। सरकार को अब इसका प्रमाण कैसे दें ,यह हमारे साथ नाइंसाफी है।आखरी दम तक सरकार के इस कानून का हम विरोध करेंगे। वही इमरान अपनी पत्नी के सहयोग क लिए पार्क में मौजूद रहे कहते है की अपने मुल्क में अपनों का कैसा दस्तावेज सरकार मांग रही है। जब सरकार किसी से भेद नही करती तो एक ही सम्प्रदाए से प्रमाण क्यों मांगा जा रहा है।

पार्क में जुटी महिलाएं
दिल्ली के शहीन बाग़ की तरह रविवार से शुरू हुआ मंसूर अली पार्क में पाचवें दिन लगातार चल रहा है।आंदोलन को खत्म कराने के लिए जिला प्रशासन ने तमाम जुगत अपनाई।लेकिन महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी।कड़कड़ाती ठंड में महिलाएं अपने बच्चों को लेकर पार्क में बैठी हैं। यही नमाज पढ़ रही है ,यहीं पर उनके लिए खाने का इंतजाम किया जा रहा है। उनसे मिलने के लिए लोग यही पहुंच रहे हैं। बच्चों की देखभाल के लिए परिवार के अन्य सदस्य भी समय-समय पर पार्क में आ रहे हैं। वही वामपंथी संगठनों के कार्यकर्त्ता सहित सपा नेताओं का जमावड़ा लगा है।


मुकदमे से नही पड़ा असर
बीते मंगलवार को 200 से अधिक महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें 19 महिलाएं नामजद कराई गई इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारी डटे रहे गुरुवार की बारिश होने के चलते भीड़ थोड़ी कम हुई। लेकिन दोपहर तक एक बार फिर दो हजार से अधिक महिलाएं पार्क में मौजूद है।अशफाक उल्ला खां के पोते अशफांक उल्ला खां अपना समर्थन देने मंसूर अली पार्क पहुंचे। उन्होंने कहा यह देश अशफाक उल्ला खां की दोस्ती का मुल्क है।उसे बचाए रहने की जरूरत है वहीं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली अहमद फातमी, प्रोफ़ेसर मुस्ताक अली, आकाशवाणी के रिटायर्ड सहायक अशरफ अली पहुंचकर महिलाओं का उत्साह बढ़ा रहे हैं।

प्रसून पांडे Desk/Reporting
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