फर्जी घोषित हुए इस बाबा का पलटवार,अखाड़ा परिषद के बाबाओं को बताया फर्जी, बनाया नया अखाड़ा

अखाडा परिषद के निशाने पर देश भर के फर्जी बाबा, चल रही है कार्यवाही

By: प्रसून पांडे

Published: 04 Jan 2018, 12:15 PM IST

इलाहाबाद अखिल भारतीय आखाडा परिषद् द्वारा फर्जी बाबाओं की सूची जारी होने के बाद विवाद थमने का नाम नही ले रहा है।गौरतलब है ,की अखाड़ा परिषद् ने फर्जी बाबाओ की दो लिस्ट जारी की जिसमे दर्जनभर से ज्यादा देश भर के फर्जी बाबा और संतो का नाम समाने आया।जिसको लेकर अखाडा परिषद् के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी निशाने पर है।जिन बाबाओ की लिस्ट जो जारी हुई उनमे आसाराम बापू से लेकर राधे माँ और त्रिकाल भवंता से लेकर राम रहीम जैसे तमाम बाबा शामिल है।अखाडा परिषद का कहना है की फर्जी बाबाओ को कोई अधिकार नही है।की वह धार्मिक परम्परा के आड़ में सम्प्रदाए और संस्कृति को बदनाम करें।अखाडा परिषद ने जिन बाबाओ को फर्जी घोषित किया है। उसके लिये परिषद ने अखाड़ो के परम्परा के अनुसार निर्णय किया। और13 अखाड़ो के प्रातिनिधियो और महंतो की सहमती पर कार्यवाही की गई है।

तो वही इलाहाबाद में कुसमुनि जिन्हें परिषद ने फर्जी घोषित किया उन्होंने अखाडा परिषद को फर्जी बताते हुए नए अखाड़े का सृजन कर लिया। कुसमुनी के अनुसार अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने अनेक तथाकथित फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है। पर यह सूची पूर्वाग्रह और शत्रुता के भाव से ग्रस्त हो कर जारी की गयी है।अब ओंकार अखाडा वास्तविक रूप से पाखंडी और चरित्रहीन साधुओं की सूची जारी करेगा ।इस सूची में उन बाबाओं का नाम जारी किया जायेगा जो दान के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं।समाज के बीच खुद को विरक्त और ब्रम्हचारी प्रचारित कर रहे हैं पर वास्तविकता मे वे चरित्रहीन और आपराधिक इतिहास वाले हैं।कुसमुनी ने कहा की ऐसे पाखंडी बाबाओं को बेनकाब करने में ओंकार अखाडा का सहयोग करें।यदि आप के गाँव और मुहल्ले में कोई बाबा ऐसा है। तो उसकी गहराई से छानबीन करें। और यदि छानबीन में पुष्ट होता है कि बाबा वाकई असामाजिक है तो ओंकार अखाडा को सूचित करें।ताकि ओंकार अखाडा अग्रिम कार्यवाही कर सके। चाहे वह बाबा किसी भी जाति, पंथ और संप्रदाय से सम्बंधित हो।

बता दें की फर्जी घोषित होने के बाद कुसमुनी और त्रिकाल भवंता ने अखाडा परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। त्रिकाल ने परिषद के निर्णय का विरोध करते हुए अखाड़े के उसके असतित्व पर ही सवाल उठा दिया। लिस्ट जारी होने के बाद त्रिकाल ने अखाडा परिषद के ही खिलाफ जांच की मांग कर डाली।तो वही अब कुसमुनी ने खुद अखाडा बना लिया है।और दावा है की 500 से ज्यादा संत उनके साथ जो हर सम्प्रदाए के है।हालाकि वह यह नही बता पाए की नया अखाडा कब बना है।और कौन कौन उनके साथ है।हालाकि सभी सम्प्रदाए को लेकर संस्था बन सकती है।कोई अखाडा नही क्यों अखाडा परिषद सनातन धर्मावलंबियों और हिन्दुओ की संस्था है। इस मुद्दे पर अखाडा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा की जो फर्जी है उसके लिये कोई टिप्पड़ी नही करूँगा। परिषद ऐसे हर फर्जी बाबाओ को निकालेगी जिससे हिन्दू धर्म और संस्कृति की बदनामी हो।

प्रसून पांडे
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