Lockdown coronavirus: लॉकडाउन में नहीं थम रही भीड़ , सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं लोग

अधिकारीयों ने संभाली कमान ,बसों से रवाना किये गये जा रहे लोग

प्रयागराज। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन घोषित है। लॉकडाउन जहां लोगों को घरों से न निकलने की हिदायत दी गई हैं। वही दूसरे शहरों में काम करने वाले गरीब तबके के लोग इस लॉकडाउन में बेघर दिख रहे है। रोज मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों के लिए ये बेहद मुश्किल भरा दौर है ।देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले लोग अपने घरों को लौट रहे हैं । लोगों का आना बदस्तूर जारी है। सैकड़ों किलोमीटर लोग पैदल चल रहे है। बस अपनों के बीच पंहुचने की उम्मीद में क्या दिन क्या रात लोग सिर्फ चलते जा रहे है। रविवार को प्रयागराज बस स्टैंड पर भारी भीड़ के चलते प्रशासन को कमान संभालनी पड़ी। बीती रात दिल्ली सहित अन्य राज्यों से आए लोगों को उनके घरों तक भेजने के लिए एमरजैंसी बस सेवाएं शुरू की गई।

गौरतलब है कि देश भर में 21 दिन लॉकडाउन है । ऐसे में लोगों को घरों से न निकलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से अपील कर रहे हैं। लेकिन दूसरे शहरों में रहकर रोजी रोटी कमाने वाले कामगार मजदूर शहर से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। लॉक डाउन के चलते फैक्ट्रियां कंपनियां और स्वरोजगार करने वाले लोग बुरी तरह से बंदी की चपेट में है। ऐसे में शहरों में रह कर जीवन यापन करना गरीब तबके के परिवार के लिए बेहद मुश्किल है। जिसके लिए ये परिवार अपने गांव को पलायन कर रहा है।

प्रयागराज में परिवहन विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने दूरदराज से आए लोगों को उनके शहरों तक भेजने के लिए बस सेवा शुरू की। जिसमें अलग.अलग शहरों के लिए प्रयागराज से बस रवाना की गई। इन लोगों में सबसे ज्यादा संख्या पूर्वांचल के अलग.अलग जिलों की रही । वही प्रयागराज के स्थानीय लोगों को जो जिले के अलग.अलग हिस्सों से हैं। उन्हें शहर के केपी कम्युनिटी सेंटर में रोका गया है। जहां उनका मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है जिसके बाद उन्हें वहां से अपने घरों को जाने की अनुमति दी जा रही है।

लॉक डाउन के बाद उम्मीद थी की कोरोनावायरस की महामारी रोकी जा सकती है । लेकिन बस स्टैंड और सड़कों पर उमड़ रही लोगों की भीड़ डरावनी है ।अगर जल्द ही इस भीड़ को उनके अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया तो स्थिति भयावह हो सकती है।

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प्रसून पांडे
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