#Lockdown: कोरोना के चलते लोग घरों में हुए लॉक, शहरों में प्रदूषण हुआ डाउन

पर्यावरण प्रेमियों के लिए वरदान साबित हो रहा लॉकडाउन

प्रयागराज | कोरोना वायरस चलते जारी लॉकडाउन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।तमाम परेशानियों के बीच कुछ अच्छी खबरें भी सामने आ रही है। कम से कम पर्यावरण प्रेमियों के लिए ये खबर सुकून देने वाली है। लॉकडाउन के चलते संगम नगरी के शहरी क्षेत्र में जैसे प्रदूषण खत्म हो चुका है। जिससे अब लोग ताजी हवा में सांस ले रहे हैं।

तमाम पाबंदियों के बीच लोग घरों से निकल कर खाली सड़कों और खाली शांत शहर को देख रहे है। कोरोना के मद्देनजर हर दिन शहर की सड़के, बाज़ार और पेड़ों को सैनिटाइज किया जा रहा जिससे उनमे चमक बढ़ गई है। लोगों को यकीन करना मुश्किल हो रहा की ये वही शहर है जो बीते साल सूबे के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हुआ करता था। लेकिन लॉकडाउन में यहां ध्वनि और वायु प्रदूषण जैसे मिट चुका है। बीते 25 दिनों से लॉक डाउन के चलते शहरवासी ताजी हवा में सांस ले रहे हैं। बता दें की लॉकडाउन की वजह से शहर में लगभग 14 लाख छोटे बड़े वाहनों के पहिये थम चुके हैं। ज़िले में पेट्रोलियम की बिक्री केवल पांच फीसद ही रह गयी है। तमाम कारखाने पूरी तरह बंद है, निर्माण कार्य और खुदाई का काम भी पूरी तरह से ठप पड़ा है।


शहर की आबोहवा बदली

लॉकडाउन में कल कारखाने बंद हो जाने से गंगा और यमुना नदियों का पानी भी पहले से स्वच्छ हो गया है। वातावरण में आये बदलाव को पर्यावरण के जानकारों के साथ ही आम लोग भी महसूस कर रहा है। पेट्रोल पंप पर काम करने वाले सतीश तिवारी कहते है की बीते दस सालों से शहर के अलग -अलग पंपों पर काम किया हूँ। हालात ये होती थी की शाम को घर पंहुचने पर आँखे लाल रहती थी शायद ही कोई दिन हो जब दर्द की गोली न खाएं लेकिन इस समय शहर की आबोहवा बिलकुल साफ है। हां ये सही की काम नही है लोग नहीं निकल रहे है।


पर्यावरण प्रेमियों के लिए वरदान
पर्यावरण पर काम करने वाले समुद्र बैज्ञानिक डॉ सुनीत द्वेवेदी ने बताया की शुद्ध हवा में सांस लेकर जरुरी आक्सीजन की मात्रा प्राप्त कर फेफड़ों की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। जिससे न सिर्फ आप आने वाले जीवन में स्वस्थ हो सकते हैं बल्कि कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला भी बेहतर ढंग से करने की स्थिति में आ जायेंगे। कहते है आर्थिक कारणों से ऐसा लंबे समय तक नही किया जा सकता है। कोरोना और लॉकडाउन ने जहां लोगों डरा कर रख दिया है वही पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह घटना किसी वरदान से कम नहीं है। किसी ने सोचा भी न था की ऐसीभागमभाग में सब कुछ दुनियां भर में एक साथ स्थिर हो जायेगा और शुद्ध आक्सीजन शहरों में कभी मिल पायेगी। तमाम लोग जो सिर्फ विकास की दौड़ में शामिल थे वो अब प्रकृति के और करीब आ रहें है।

coronavirus
प्रसून पांडे Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned