प्रयागराज में निषाद समुदाय के बीच पहुंचीं प्रियंका गांधी, निशाने पर रही योगी सरकार

  • प्रियंका गांधी बोलीं, सरकार खनन माफियाओं के साथ है, निषाद समाज के साथ नहीं
  • 10 दिन में प्रियंका गांधी का दूसरा प्रयागराज दौरा
  • पुलिस कार्रवाई का शिकार निषाद समाज की मुलाकात
  • चार फरवरी को पुलिस व नाविकों के बीच हुई थी झड़प

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

प्रयागराज. प्रियंका गांधी रविवार को एक बार फिर प्रयागराज पहुंचीं। 10 दिनों में यह प्रियंका गांधी का दूसरा प्रयागराज दौरा है। इस बार वह बीती चार फरवरी को पुलिस की कार्रवाई का शिकार बने घूरपुर के बसावर गांव में निषाद समाज के बीच पहुंचीं। उन्होंने उनसे उस रोज हुई घटना की जानकारी ली समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निषाद समाज के साथ नहीं बल्कि खनन माफिया के साथ है। उन्होंने गांव में आश्वासन दिया कि कांग्रेस निषाद समाज के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई लड़ेगी।

 

इस दौरान यूपी की योगी सरकार प्रियंका गांधी के निशाने पर रही। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कृषि कानूनों से किसान का नुकसान और उद्योगपतियों का फायदा हो रहा है वैसे ही नदियों पर लागू कानून भी उद्योगपतियों की भलाई के लिये है। प्रियंका ने कांग्रेस की एनडी तिवारी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले की सरकार नदियों के किनारे रहने वालों के हित के लिये कानून बनाती थीं। पर आज की सरकारें आपके लिये नहीं खनन माफिया के लिये योजनाएं बना रही हैं।


किसान आंदोलन का जिक्र

किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों की मदद नहीं कर रही। तीनों कृषि कानूनों से किसानों का कोई फायदा नहीं है। किसान इसे समझ रहे हैं और इसीलिये इसके विरोध में हैं। पर पूंजीपतियों के फायदे के लिये किसानों के खिलाफ कानून बनाए जा रहे हैं।


छावनी में तब्दील रहा गांव

प्रियंका गांधी के आगमन को देखते हुए एक तरफ प्रशासन ने बसावर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था तो दूसरी ओर निषाद समुदाय के भी सैकड़ों लोग उधर प्रियंका के आगमन की सूचना पर वहां जुटे थे। प्रियंका गांधी प्रयागराज पहुंचीं तो उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू और आराधना मिश्रा 'मोना’ भी थीं। बमरौली एयरपेर्ट से यमुनापार घूरपूर के बसावर गांव जाने के दौरान रास्ते में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। गांव में पहुंचने पर लोग उनकी एक नजर पाने को बेताब दिखे, जिनमें महिलाएं ज्यादा उत्साहित थीं। प्रियंका गांधी ने वहां महिलाओं से अलग बात की और उस दिन की घटना की जानकारी ली। बात करते हुए कई महिलाओं की आंखों में आंसू भी दिखे। उन्होंने प्रियंका को पुलिस द्वारा तोड़ी गई नावें भी दिखायीं।


क्या हुआ था बसावर में

प्रयागराज के घूरपुर में बीती चार फरवरी को पुलिस ने अवैध खनन के आरोप में कार्रवाई की थी। आरोप है कि पुलिस ने वहां गांव वालों व नाविकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था और उनकी नावें तोड़ डाली थीं। इसके विरोध में पथराव हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने लाठी भांजी थी और करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस घटना कर विरोध निषाद पार्टी और समाजवादी पार्टी भी कर चुकी है।


मौनी अमावस्या को संगम में लगाई थी डुबकी

बताते चलें कि प्रियंका गांधी इसके पहले बीती 11 फरवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर बेटी के साथ प्रयागराज पहुंचीं थीं और वहां संगम में डुबकी भी लगाई थी। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात की थी और मनकामेश्वर मंदिर में मत्था भी टेका था।

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रफतउद्दीन फरीद
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