इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश , प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक

 

मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शिक्षा को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश

प्रयागराज 7 मार्च । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के शिक्षण संस्थानों के भवन व मैदान के व्यावसायिक या शादी समारोह के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालेज परिसर का व्यावसायिक इस्तेमाल न होने दे।तथा ऐसे प्रबंधकों से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करे।कोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों का इस्तेमाल केवल शैक्षिक व स्पोर्ट्स कार्यक्रमो के लिए ही किया जा सकता है। व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती ।

कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शिक्षा को सभी जिलाधिकारियों को इस आशय का निर्देश जारी करने का भी निर्देश दिया है। तथा राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 31मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने क्षेत्रीय स्थानीय सभा जौनपुर के सदस्य दीपेन्द्र विक्रम सिंह की याचिका पर दिया है।

याची की कहना है कि टी डी कालेज जौनपुर परिसर का प्रबंधन द्वारा व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 2018 में ही शिकायत की गयी है। किन्तु कालेज के व्यावसायिक उपयोग पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इससे कालेजों का शैक्षिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।

अदालत ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि कालेजों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। जब कि कालेज का इस्तेमाल शिक्षा एवं खेलकूद के लिए ही होना चाहिए। राज्य सरकार ने 29 सितम्बर 2012 के शासनादेश से मान्यता प्राप्त एवं वित्तीय सहायता प्राप्त कालेजों में विवाह समारोह व कोचिंग चलाने पर रोक लगा रखी है। इसका उल्लंघन करते हुए प्रबंधन धन की कमाई कर रहा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शिक्षा को परिपत्र जारी कर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

प्रसून पांडे
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