सीमांचल एक्सप्रेस से उतारे गए तेरह नाबालिक बच्चे, मानव तस्करी की आशंका

दिल्ली से आए मौलाना को बच्चे सौपने से मजिस्ट्रेट ने किया इनकार, भेजे गए बाल गृह

By: sarveshwari Mishra

Published: 20 Jul 2018, 02:25 PM IST

Allahabad, Uttar Pradesh, India

इलाहाबाद. सीमांचल एक्सप्रेस से दो दिन पहले बिहार से दिल्ली जा रहे तेरह बच्चों को रेलवे पुलिस और चाइल्ड लाइन के सदस्यों द्वारा इलाहाबाद में रोक लिया गया। ये बच्चे बिहार से दिल्ली जा रहे थे। छुट्टी के बावजूद 13 नाबालिक बच्चों को दिल्ली जाने की बात को मजिस्ट्रेट ने संदिग्ध मानते हुए बच्चों को बाल सुधार गृह भेज दी। बच्चों को ले जा रहा शख्स भी नाबालिक था। दिल्ली मदरसे में जब पुलिस ने पूछताछ की तो मदरसे के मौलाना इरफ़ान बाल सुधार गृह के न्यायलय में पेश हुए और मदरसे के लेटर हेड पर सभी बच्चों को छोड़ने की अपील की। बताया कि मदरसे में बच्चों का एडमिशन है । लेकिन मजिस्ट्रेट ने बिना माता-पिता के आए बच्चों को उनके सुपुर्द करने से मना कर दिया।
बता दें कि दिल्ली से आए मौलाना इरफ़ान कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां प्रशासन की हिदायत है कि वह मीडिया के सामने कोई बयान नहीं देंगे । नहीं तो मुश्किल में पड़ जाएंगे। हालांकि उन पर इस तरह का दबाव किसने बनाया । वह बताने को तैयार नहीं हुए। लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे बयान देने से मना किया गया है। इसलिए वह कुछ बोल नहीं सकते हैं। वहीं सूचना पर स्थानीय मदरसे के लोग भी दिल्ली से आए मौलाना के संपर्क में आ रहे है। पुलिस और चाइल्ड लाइन की ये एकतरफा कार्यवाही सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि बिहार और बंगाल जैसे राज्यों से पड़े पैमाने पर गरीब परिवार के बच्चे मदरसे भेज दिए जाते ,जहाँ उन्हें तामिल दी जाती है ।और उनके रहने की भी व्यवस्था होती है ।

 


बताया जा रहा है कि छुट्टियों के बाद सभी बच्चे दिल्ली मदरसे में पढ़ने जा रहे थे। चाइल्ड लाइन और रेलवे पुलिस को सूचना मिलने के बाद तस्करी के शक पर इलाहाबाद में रोक लिया गया है। दरअसल, इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस और चाइल्ड लाइन के वॉरंटीयर्स ने बिहार से दिल्ली जा रही सीमांचल एक्सप्रेस से तेरह नाबालिग बच्चों को ट्रैन से उतार लिया। ये सभी बच्चे मुस्लिम समुदाय से हैं। जो कुर्ता पायजामा टोपी पहने हुए थे। एक साथ इतने बच्चों को देख चाइल्ड लाइन के वॉरंटीयर्स को मानव तस्करी का शक हुआ । इन्होंने रेलवे पुलिस को बुला कर सभी बच्चो को ट्रेन से उतार कर थाने पर बैठा दिया।रेलवे पुलिस ने इन बच्चो को बाल सुधार गृह भेज दिया। हालांकि बच्चे और उनके साथ जा रहे युवक ने बताया की वो दिल्ली के मदरसा दारुल उलूम उस्मानिया मदरसे के छात्र है।


बिहार के 16 वर्षीय शबाज़ इन बच्चो को मदरसा ले जा रहा था। बच्चो के घर वाले गरीब परिवार से है, लिहाज़ा गांव के ही शबाज़ को सभी बच्चो की ज़िम्मेदारी देकर घर वालो ने बच्चो को उसके साथ दिल्ली मदरसे भेज दिया । पूछताछ में उसने यही बताया और बच्चे भी बता रहे की वो मदरसा पढ़ते है। बाल सुधार गृह भेजने के बाद बच्चों के द्वारा मदरसे में पुलिस ने संपर्क किया। तो मदरसे से इरफान आए और बच्चों को छोड़ने की अपील की। सफाई देते हुए कहा कि बच्चों का मदरसे में एडमिशन है। लेकिन मजिस्ट्रेट ने बच्चों के माता-पिता के सामने बच्चों को छोड़ने की बात कहते हुए इरफान के सुपुर्द करने से मना कर दिया।

By- Prasoon Pandey

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned