फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा के बागियों को सपा बना सकती है उम्मीदवार

फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा के बागियों को सपा बना सकती है उम्मीदवार

Prasoon Kumar Pandey | Publish: Apr, 11 2019 04:48:01 PM (IST) | Updated: Apr, 11 2019 04:48:02 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India


बीते दो दिनों में भाजपा से बागी नेताओं को आलाकमान ने बुलाया

प्रसून पाण्डेय

प्रयागराज।लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है।लेकिन देश की हॉट सीट जो की कांग्रेस भाजपा और गठबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है। उस पर अभी तक सपा और बसपा के गठबंधन ने अपने पत्ते नहीं खोले है। हालाकि पार्टी में दावेदारों की लखनऊ से लेकर दिल्ली तक की गणेश परिक्रमा जोर शोर से चल रही है। सपा के खाते में आयी फूलपुर और इलाहाबाद की सीट पर बीते 24 घंटे के घटनाक्रम ने सपा नेताओं की धड़कने बढ़ा दी है। सपा मुखिया दो दिनों में कई उम्मीदवारों को लखनऊ बुलाया है। जिससे स्थानीय नेताओं की हलचल बढ़ गई है। सपा के जिन दावेदारों को दिल्ली लखनऊ बुलाया जा रहा है। उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी का गठबंधन भाजपा के घर से अपना उम्मीदवार तलाश रहा है।

सामने आया चौकाने वाला नाम
फूलपुर लोकसभा की बात करें तो प्रबल दावेदारों में तात्कालिक सांसद नागेन्द्र सिंह पटेल ,पूर्व विधायक विजमा यादव,पूर्व सांसद धर्मराज पटेल , सपा प्रवक्ता निधि यादव,पूर्व विधायक आसिफ सिद्दीकी सहित भाजपा विधायक प्रवीण पटेल के चाचा राजेश पटेल(राजेश खरे) का नाम सुर्खियों में है। सूत्रों की मानें तो राजेश पटेल का नाम अभी तक फूलपुर लोकसभा में सबसे ऊपर वही पूर्व सांसद धर्मराज पटेल भी दुसरे नंबर पर चल रहे है। लेकिन सपा नेताओं के लिए सबसे चौकाने वाला नाम राजेश पटेल का आया है। बता दें कि राजेश पटेल तीन बार बहादुर पुर ब्लाक प्रमुख रहे है। जिले में कई पेट्रोल पंप के मालिक हैं।बेटी अमेरिका में डॉक्टर है। गंगा पार में पटेलों के बड़े चेहरे माने जाते है।जिस तरह राजेश पटेल का नाम सामने आ रहा है इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि सपा भाजपा के घर से उम्मीदवार लाकर फूलपुर लोकसभा में भाजपा के उम्मीदवार को चुनौती देने की तैयारी भी कर रहा है। बता देंगे फूलपुर लोकसभा में कांग्रेस ने पंकज निरंजन को उम्मीदवार बनाया है।भाजपा से केशरी देवी पटेल और गठबंधन के उम्मीदवार का इंतजार है।

कुंवर साहब की सहमति पर सबकी नजर
इलाहाबाद लोकसभा सीट पर भी गठबंधन के प्रत्याशी पर सबकी नजरे टिकी है। सपा के पूर्व मंत्री की माने तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद और मुलायम सिंह के बेहद करीबी को कुंवर रेवती रमण सिंह को लखनऊ बुलाया और उनसे उम्मीदवारों के नामों की चर्चा की। अखिलेश यादव इलाहाबाद सीट पर कुंवर रेवती रमण सिंह को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। हालांकि रेवती रमण सिंह ने अभी अपनी सहमति नहीं जताई है और वह वापस लौट आए हैं। लेकिन उनके बेटे और करछना से विधायक उज्जवल रमण सिंह अभी भी लखनऊ में डटे हुए है। लेकिन कुंवर साहब हां कहते है तो उनका उम्मीदवार बनना तय है। वहीं इस सीट पर भाजपा के एमएलसी उम्मीदवार रहे रईश चन्द्र शुक्ला का नाम सबसे आगे चल रहा है। कुंवर साहब के करीबियों की माने तो इलाहाबाद सीट पर रीता बहुगुणा जोशी के सामने कुंवर रेवती रमण के अलावा रईश चन्द्र शुक्ला का नाम सबसे ऊपर है। बता दें रईश चन्द्र शुक्ला तेंदू पत्ते के बड़े कारोबारी है।

भाजपा को मिल सकता है बड़ा झटका
बता दें कि कुंवर रेवती रमण सिंह जिले के यमुनापार की करछना विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे हैं। इलाहाबाद लोकसभा सीट पर दो बार भाजपा के दिग्गज नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी को हराकर सांसद रहे है। कुंवर रेवती रमण सिंह सपा का मजबूत चेहरा माने जा रहे हैं वहीं भाजपा से अलग होकर समाजवादी पार्टी के दामन थामे रईश चन्द्र शुक्ला रीता बहुगुणा जोशी को मजबूत टक्कर देते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी कुंवर साहब के आलावा रईस शुक्ला पर दांव लगा सकती है। अगर सपा ने फूलपुर से राजेश पटेल और इलाहाबाद सीट से रइश चन्द्र को उम्मीदवार बनाया तो भाजपा के लिए बड़ा झटका होगा।

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