प्राइमरी स्कूलों में 69000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, जानिए कब से शुरू होगी आगे की प्रक्रिया

बीएड प्रशिक्षित 262231 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे

प्रयागराज | कोरोना की महामारी को लेकर लॉकडाउन के बीच प्राइमरी स्कूलों में 69000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 6 जनवरी 2019 को 69000 शिक्षकों की भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा का अंतिम परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया गया। लिखित परीक्षा में शामिल हुए चार लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों में से एक लाख 46 हजार 60 अभ्यर्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इस परीक्षा में सबसे बड़ा झटका शिक्षामित्रों को लगा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने के बाद हुई दूसरी बड़ी शिक्षक भर्ती में महज 8018 शिक्षामित्र उत्तीर्ण घोषित हुए हैं। जबकि 45357 शिक्षामित्रों ने लिखित परीक्षा दी थी। शिक्षक भर्ती में उत्तीर्ण घोषित अभ्यर्थियों में बीएड प्रशिक्षित 262231 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे।

जिसमें 97368 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं। इसके साथ ही बीएलएड के 500 अभ्यर्थी में से 110 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। उर्दू बीटीसी के 339 अभ्यर्थी में से 70 पास हुए हैं। स्पेशल बीटीसी के 1878 में से 301ए डीएड स्पेशल एडुकेशन के 2193 में 549 और डीएड एनसीटी के 5943 में से 1034 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। कट माफ मार्क्स को लेकर विवादों में फंसी भर्ती में अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के छह मई के आदेश से खुला है। जबकि कोर्ट ने कट आफ मार्क्स तय करते हुए रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया था। जिसके बाद आठ मई को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से फाइनल आंसर की जारी की गई थी।

तीन सवालों पर विवाद की स्थिति को देखते हुए सभी अभ्यर्थियों को इन सवालों पर समान अंक दिए गए हैं। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी के मुताबिक सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए अब आगे की कार्रवाई बेसिक शिक्षा परिषद ही करेगा। इसके लिए सफल अभ्यर्थियों से ऑन लाइन आवेदन मांगे जायेंगे और शैक्षिक गुणांक के आधार पर मेरिट तैयार होगी। जिसके बाद अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के जरिए नियुक्ति प्रदान की जायेगी।

प्रसून पांडे
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned